
Mumbai , 17 जून . नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की Mumbai जोनल यूनिट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एक आदतन ड्रग तस्कर नवीन गुरुनाथ चिचकर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे निरुद्ध (डिटेन) किया.
राजस्व विभाग के अवैध मादक पदार्थ एवं मन:प्रभावी पदार्थ तस्करी निवारण प्रभाग द्वारा 15 मई 2026 को जारी निरोध आदेश को 16 जून 2026 को लागू किया गया. इसके बाद नवीन चिचकर को Maharashtra की येरवडा सेंट्रल जेल, पुणे से तमिलनाडु की पुजल सेंट्रल जेल, चेन्नई स्थानांतरित कर दिया गया.
एनसीबी के अनुसार, नवीन चिचकर एक आदतन ड्रग अपराधी है, जो कोकीन, हाइड्रोपोनिक गांजा, कैनबिस गमीज और एलएसडी जैसे मादक पदार्थों की तस्करी में कई बार शामिल रहा है. उसे एनसीबी और नवी Mumbai Police सहित विभिन्न एजेंसियों द्वारा चार बार गिरफ्तार किया जा चुका है.
साल 2021 में एनसीबी Mumbai के एक मामले में गांजा और व्यावसायिक मात्रा में एलएसडी की बरामदगी के बाद वह India छोड़कर फरार हो गया था. इसके बाद उसने थाईलैंड, मलेशिया, हांगकांग, यूएई और वानुआतु जैसे देशों में रहकर अंतरराष्ट्रीय ड्रग सप्लायर्स से संपर्क स्थापित किए और India को निशाना बनाकर तस्करी का नेटवर्क संचालित करता रहा.
जनवरी 2025 में एनसीबी Mumbai द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई में 11.540 किलोग्राम कोकीन, हाइड्रोपोनिक गांजा और कैनबिस गमीज बरामद की गई थीं. जांच में सामने आया कि थाईलैंड में बैठा नवीन चिचकर अमेरिका से कोकीन मंगाकर India में उसकी सप्लाई कराने का मास्टरमाइंड था.
उसका नाम जनवरी 2025 में कोकीन बरामदगी के एक अन्य मामले और नवी Mumbai Police की हाइड्रोपोनिक गांजा तस्करी जांच में भी सामने आया था.
एनसीबी के अनुरोध पर इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था. इसके बाद मई 2025 में उसे मलेशिया से India निर्वासित (डिपोर्ट) किया गया और एनसीबी Mumbai ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
एनसीबी की वित्तीय जांच में ड्रग तस्करी से अर्जित मानी जा रही 10 करोड़ रुपए से अधिक की चल एवं अचल संपत्तियों को भी फ्रीज किया गया है.
जांच एजेंसियों का मानना था कि जमानत या रिहाई मिलने पर नवीन चिचकर दोबारा ड्रग तस्करी में शामिल हो सकता है, जिससे सामाजिक और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा पैदा हो सकता है. इसी वजह से उसके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई.
एनसीबी ने कहा कि अवैध मादक पदार्थ एवं मन:प्रभावी पदार्थ तस्करी निवारण अधिनियम संगठित और आदतन ड्रग तस्करों के खिलाफ एक प्रभावी कानूनी हथियार है, जिसके जरिए ऐसे अपराधियों को दोबारा अवैध गतिविधियों में शामिल होने से रोका जा सकता है.
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एएमटी/डीकेपी
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