जम्मू-कश्मीर: राज्य जांच एजेंसी का बड़ा एक्शन, लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आरोपी की संपत्ति अटैच

श्रीनगर, 6 मई . जम्मू-कश्मीर में नार्को-टेरर नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने Pakistan अधिकृत जम्मू-कश्मीर में सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा के एक ऑपरेटिव की अचल संपत्ति को कुर्क कर लिया है.

यह कार्रवाई एक बड़े नार्को-टेरर मामले में की गई है, जिसकी जांच एसआईए कश्मीर कर रही है. यह मामला पहले एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स द्वारा दर्ज किया गया था, जिसे बाद में व्यापक आतंकी फंडिंग और सीमा पार नेटवर्क के खुलासे के चलते एसआईए को सौंप दिया गया.

जांच में सामने आया कि आरोपी जामीर अहमद लोन प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है, वह कुपवाड़ा जिले के मंडियां केरन का निवासी है और फिलहाल Pakistan अधिकृत जम्मू कश्मीर से ऑपरेट कर रहा है. वह ड्रग तस्करी और आतंकी गतिविधियों के जरिए जम्मू-कश्मीर की शांति और सुरक्षा को अस्थिर करने की साजिश में शामिल था.

एसआईए के अनुसार, आरोपी को पहले ही अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका है, क्योंकि वह गिरफ्तारी से बचता रहा और सीमा पार से देश विरोधी गतिविधियां जारी रखे हुए था. एजेंसी ने अदालत में विस्तृत आवेदन दाखिल किया, जिसके बाद साक्ष्यों की जांच के उपरांत अदालत ने आरोपी की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया.

अदालती आदेश के अनुपालन में एसआईए की विशेष टीम ने कुपवाड़ा के मंडियां केरन क्षेत्र में स्थित 1 कनाल 14.37 मरला जमीन (खसरा नंबर 113) को कुर्क किया. यह कार्रवाई कार्यपालक मजिस्ट्रेट और स्थानीय राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में तय कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई.

इससे पहले भी एसआईए इस मामले में विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिसमें ड्रग तस्करी, आतंकी फंडिंग और सीमा पार आतंकी कनेक्शन से जुड़े ठोस सबूत सामने आए हैं. एजेंसी ने कहा कि यह कार्रवाई आतंकवाद, आतंकी फंडिंग और नार्को-टेरर नेटवर्क को खत्म करने के उसके संकल्प को दर्शाती है. एसआईए ने दोहराया कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा के खिलाफ काम करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

इसके साथ ही ‘नशा मुक्त India अभियान’ के तहत जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स के खिलाफ अभियान को भी तेज किया जा रहा है. एसआईए अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर न केवल जांच कर रही है, बल्कि जागरूकता और रोकथाम के प्रयास भी कर रही है, ताकि समाज को नशामुक्त बनाया जा सके.

एएमटी/डीकेपी