गुजरात एटीएस की बड़ी कार्रवाई, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आठ संदिग्ध गिरफ्तार

Ahmedabad, 3 जुलाई . Gujarat आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से कथित संबंध रखने और राज्य में संगठन का सक्रिय नेटवर्क खड़ा करने की साजिश रचने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारियां Gujarat और Madhya Pradesh में की गईं.

एटीएस के अनुसार, विस्तृत जांच के बाद Thursday को एटीएस Police स्टेशन में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), 1967 की धाराएं 13, 17, 18, 38 और 39 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धाराएं 148 और 61 के तहत मामला दर्ज किया गया.

एटीएस अधिकारियों ने दावा किया कि गिरफ्तार सभी आठ आरोपी प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए हैं और राज्य में संगठन का सक्रिय नेटवर्क तैयार कर उसकी आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे थे.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बनासकांठा जिले के पालनपुर शहर के भागल निवासी अहमद अब्दुल्ला गाजीवाला उर्फ अबू उबैदा (19), इब्राहिम मोहम्मद हुसैन घाघा उर्फ अबू हमजा (30), मुदस्सिर अब्दुल्ला गाजीवाला उर्फ अबू आया (22), पाटन जिले के सिद्धपुर स्थित खडियासणा की जामिया अबुल हसन मदरसा के जकारिया दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा उर्फ इब्न अम्मार उर्फ जकारिया पालनपुरी (21), उसी मदरसे के मुफ्ती फौजान इस्माइल दौवा उर्फ मुफ्ती साहब (40), मोहम्मद अमीन शेरा उर्फ अमीन पालनपुरी (21), नवसारी जिले के चिखली के अंभेटा स्थित जामिया रहमानिया खंभिया के मोहम्मद अब्दुल रहमान सावदी उर्फ मोहम्मद पालनपुरी उर्फ अबू उनीसा (22) तथा Madhya Pradesh के देवास शहर के वारसी नगर निवासी बिलाल दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा उर्फ अबू दुजाना, अबू सुफियान, अबू जुंदाल और उमर बिन खत्ताब (18) के रूप में हुई है.

एटीएस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.

एटीएस ने यह भी बताया कि हाल के वर्षों में राज्य में आतंकवाद विरोधी अभियानों के तहत कई अहम कार्रवाइयां की गई हैं. इसी वर्ष जनवरी में एटीएस और नवसारी Police ने उत्तर प्रदेश के एक 22 वर्षीय युवक को नवसारी से गिरफ्तार किया था. उस पर जिहादी साहित्य, पिस्तौल और कारतूस रखने तथा कट्टरपंथी प्रचार से जुड़े एक व्यक्ति के संपर्क में रहने का आरोप था. जांच में उसके पास से प्रतिबंधित संगठनों, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद भी शामिल था, के समर्थन से जुड़ी डिजिटल सामग्री मिलने का दावा किया गया था. उस मामले में भी यूएपीए, भारतीय न्याय संहिता और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था.

इसके अलावा, पिछले वर्ष नवंबर में Gujarat एटीएस ने गांधीनगर के अडालज से आईएसआईएस से कथित संबंध रखने वाले तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया था. अधिकारियों के अनुसार, उस कार्रवाई के दौरान हथियार भी बरामद किए गए थे और आरोप था कि संदिग्ध देश के विभिन्न हिस्सों में हमले की साजिश रच रहे थे.

डीएससी