
New Delhi, 23 जुलाई . केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने चंडीगढ़ नगर निगम और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) के बैंक खातों से सरकारी धन गबन मामले में कार्रवाई करते हुए Thursday को चंडीगढ़ और लुधियाना में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की. जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य अपने कब्जे में लिए हैं.
सीबीआई के अनुसार, कुल पांच स्थानों पर तलाशी ली गई. इनमें गबन की गई राशि के लाभार्थियों के घर और कारोबारी प्रतिष्ठान, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) के अधिकारी अनुभव मिश्रा का ठिकाना तथा जांच से जुड़े निजी संस्थानों के परिसर शामिल हैं.
छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी को कई अहम सबूत मिले हैं. इनमें डिजिटल स्टोरेज ड्राइव, डिजिटल सिग्नेचर, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं. अब इन दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की बारीकी से जांच और विश्लेषण किया जा रहा है.
सीबीआई ने बताया कि यह मामला पहले Haryana राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पास था. राज्य Government के अनुरोध पर बाद में इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई.
जांच एजेंसी के मुताबिक, यह मामला आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32, चंडीगढ़ शाखा से जुड़े एक बड़े बैंकिंग घोटाले का हिस्सा है. आरोप है कि Haryana Government के आठ विभागों के करीब 504 करोड़ रुपए सरकारी धन को फर्जी या अस्तित्वहीन फिक्स्ड डिपॉजिट और धोखाधड़ी वाले डेबिट लेनदेन के जरिए निकालकर शेल कंपनियों के माध्यम से इधर-उधर भेज दिया गया.
इस मामले में अब तक सीबीआई 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. इनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के छह बैंक अधिकारी, Haryana Government के तीन सरकारी कर्मचारी, दो कंपनियां और छह व्यक्ति शामिल हैं.
सीबीआई ने चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े दो अन्य मामलों की जांच की. जिनमें पहला मामला चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) और नगर निगम चंडीगढ़ से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (सीआरईएसटी) से संबंधित है.
इन दोनों मामलों में भी सीबीआई पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. सीएससीएल मामले में पांच बैंक अधिकारियों, एक सीएससीएल अधिकारी और एक निजी व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है. वहीं सीआरईएसटी मामले में पांच बैंक अधिकारी, दो सीआरईएसटी अधिकारी, चार निजी व्यक्ति और दो कंपनियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है.
सीबीआई ने कहा कि वह इस पूरे मामले में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है. साथ ही गबन किए गए सार्वजनिक धन की पूरी शृंखला का पता लगाकर अपराध से अर्जित राशि को ट्रेस करने की दिशा में जांच लगातार जारी रहेगी.
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