गुजरात की बड़ी उपलब्धि, 16,086 मेगावाट की क्षमता के साथ पवन ऊर्जा में अग्रणी राज्य बना

गांधीनगर, 28 जुलाई . Gujarat ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान को अधिक मजबूत किया है. नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी किए गए डेटा के अनुसार, Gujarat ने पवन ऊर्जा की स्थापित क्षमता तथा विद्युत उत्पादन, दोनों में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है.

30 जून, 2026 के आंकड़ों के अनुसार, Gujarat में पवन ऊर्जा की स्थापित क्षमता 16,086 मेगावाट तक पहुंची है, जो देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक है. इसके अतिरिक्त, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य ने पवन ऊर्जा से 33,706 मिलियन यूनिट (एमयू) बिजली का उत्पादन किया है, जो देश के कुल पवन ऊर्जा उत्पादन का लगभग एक तिहाई है.

देश में पवन ऊर्जा के विकास को नई दिशा देने में Gujarat अग्रसर राज्य है. India की कुल पवन ऊर्जा स्थापित क्षमता 57,443 मेगावाट तक पहुंच गई है, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इसका वार्षिक बिजली उत्पादन बढ़कर 106 अरब यूनिट हुआ है. इस राष्ट्रीय उपलब्धि में Gujarat का योगदान उल्लेखनीय रहा है, जो टिकाऊ विकास, ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में India ने परंपरागत ईंधन पर निर्भरता कम करने तथा वर्ष 2030 तक देश की 50 प्रतिशत बिजली नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त करने का संकल्प किया है. इस राष्ट्रीय विजन को साकार करने में Gujarat ने पवन, सौर तथा रूफटॉप सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्य के रूप में स्थान प्राप्त किया है.

Chief Minister भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेज विकास, निवेशकों के लिए अनुकूल इकोसिस्टम तथा प्रगतिशील नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप राज्य आज नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार नए मील के पत्थर स्थापित कर रहा है.

उल्लेखनीय है कि नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन देने के लिए केंद्र Government ने विभिन्न योजनाएं एवं नीतिगत सुधार लागू किए हैं. ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर योजना के अंतर्गत नई ट्रांसमिशन लाइनों तथा सबस्टेशनों के विकास से नवीकरणीय ऊर्जा के कार्यक्षम विद्युत परिवहन के लिए बुनियादी ढांचा मजबूत बना है.

इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (आईएसटीएस) शुल्क में दी गई राहत से निवेश को प्रोत्साहन मिला है, जबकि ‘नेशनल रिपावरिंग एंड लाइफ एक्सटेंशन पॉलिसी फॉर विंड पावर प्रोजेक्ट्स-2023’ द्वारा वर्तमान पवन ऊर्जा परियोजनाओं के आधुनिकीकरण को प्रोत्साहन मिला है. इसके अतिरिक्त, ‘ऑफशोर विंड एनर्जी लीज रूल्स-2023’ तथा ऑफशोर विंड परियोजनाओं के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग योजना के क्रियान्वयन से ऑफशोर पवन ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार के लिए नए अवसर सृजित हुए हैं.

केंद्र Government की इन नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ Gujarat ने पवन ऊर्जा को राज्य के विद्युत ग्रिड में सफलतापूर्वक एकीकृत किया है. इतना ही नहीं, India में पवन ऊर्जा क्षेत्र की प्रथम पवन ऊर्जा नीति लागू करने वाले राज्य के रूप में भी Gujarat ने इस क्षेत्र के विकास में अग्रणी योगदान दिया है. नवाचार को प्रोत्साहित करने वाली पहलों तथा निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियों के परिणामस्वरूप राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विकास के लिए मजबूत इकोसिस्टम विकसित हुआ है.

इसके परिणामस्वरूप पवन ऊर्जा की स्थापित क्षमता में लगातार वृद्धि हुई है तथा विद्युत उत्पादन में भी नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं. नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में Gujarat का मॉडल अन्य राज्यों के लिए उदाहरणीय बना है.

एसके/एबीएम