सिक्किम के ‘क्लाइमेट-फर्स्ट’ मॉडल की फैन हुईं भूमि पेडनेकर

गंगटोक, 11 जून . Actress भूमि पेडनेकर राज्य पर्यटन विभाग के बुलावे पर सिक्किम के तीन दिन के दौरे पर गईं. उन्होंने वहां के पर्यावरण-अनुकूल सोच से गहरा जुड़ाव महसूस किया. Actress ने मीडिया के साथ बातचीत में बताया कि सिक्किम की सस्टेनेबिलिटी, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार विकास के प्रति प्रतिबद्धता से दूसरे राज्यों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए.

उन्होंने कहा, “मुझे सबसे अच्छा लगा कि सिक्किम जलवायु और पर्यावरण को प्राथमिकता देने वाला एक ‘ग्रीन स्टेट’ है. मेरे जैसे व्यक्ति के लिए, जिसका जीवन सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित है, राज्य की ये सभी बातें बहुत मायने रखती हैं. सिक्किम धरती का स्वर्ग है और इसकी प्राकृतिक सुंदरता ने मुझे मंत्रमुग्ध कर दिया.”

उन्होंने आगे कहा, “आप लोग बहुत भाग्यशाली हैं, जो इस स्वर्ग में रहते हैं. मुझे नहीं लगता कि मैंने कोई ऐसा नजारा देखा जिससे मैं हैरान न हुई हूं.”

नाथुला यात्रा के बारे में बात करते हुए Actress ने बताया कि इस अनुभव ने उनके मन में भारतीय सशस्त्र बलों के बलिदानों के प्रति सम्मान को और भी बढ़ाया है. उन्होंने कहा, “मैं एक देशभक्त इंसान हूं और सीमा पर जाने को लेकर बहुत उत्साहित थी. वहां जाने के बाद एहसास होता है कि हमारे सशस्त्र बल हमारे लिए कितना कुछ करते हैं और हम बदले में कितना कम करते हैं. जब भी मैं सशस्त्र बलों के जवानों से मिलती हूं, तो मैं खुद को उनका बहुत ऋणी और आभारी महसूस करती हूं.”

उन्होंने कहा कि ऊंचाई वाले सीमावर्ती इलाकों में तैनात अधिकारियों से बातचीत करने और इस क्षेत्र के इतिहास के बारे में जानने से उन्हें बहुत गर्व महसूस हुआ.

एक्ट्रेस ने सिक्किम की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समृद्धि के बारे में भी बात की और कहा कि उन्होंने जिन भी जगहों का दौरा किया, उनकी अपनी कहानी, लोककथाएं और परंपराएं थीं. मुझे सबसे अच्छी बात यह लगी कि सिक्किम के हर क्षेत्र की अपनी एक अलग कहानी है. हमने बाबा हरभजन सिंह मंदिर के दर्शन किए.

भूमि पेडनेकर ने आगे बताया कि राज्य के शांत माहौल ने उन्हें ध्यान का एक बहुत गहरा अनुभव दिया. मैंने अपने दोस्तों को बताया कि मुझे ध्यान करने का सबसे अच्छा अनुभव यहीं हुआ है. क्योंकि इस जगह की ऊर्जा और वाइब्रेशन बहुत खास हैं. पहले से कहीं ज्यादा हमें ऐसी नीतियों की जरूरत है जो पर्यावरण को सबसे पहले रखें. दूसरे राज्यों को सिक्किम के कामों से प्रेरणा लेनी चाहिए, चाहे वह सिंगल-यूज प्लास्टिक पर रोक हो या प्रकृति के प्रति आम लोगों की संवेदनशीलता और प्यार. न सिर्फ India के दूसरे राज्य, बल्कि दुनिया भर के इलाके भी पर्यावरण संरक्षण के मामले में सिक्किम के तौर-तरीकों को अपनाएंगे. मुझे सच में उम्मीद है कि मुझे यहां फिल्म करने और सिक्किम वापस आने का मौका मिलेगा.

एनएस/एबीएम