भोजीपुरा पुलिस की कार्रवाई, फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने वाले गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार

Lucknow, 19 अगस्त . उत्तर प्रदेश के बरेली की भोजीपुरा Police ने Wednesday को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है.

इसी को लेकर जानकारी देते हुए एसपी नॉर्थ बरेली मुकेश मिश्रा ने समाचार एजेंसी को बताया कि Wednesday को भोजीपुरा थाने की Police टीम द्वारा फर्जी तरीके से कूटरचित आयुष्मान कार्ड बनाने, पैसे ऐंठने और आयुष्मान योजना के धन को अवैध रूप से प्राप्त कर राज्य Government को चूना लगाने वाले गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई है.

उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, 13 कूटरचित आयुष्मान कार्ड, 6 कूटरचित आधार कार्ड, 22 कूटरचित छायाप्रति राशन कार्ड और 2,700 रुपए कैश बरामद किए गए हैं.

गिरफ्तार किए गए पांचों अभियुक्तों की पहचान आबिद, सलमान तथा अफरोज (निवासीगण थाना क्षेत्र भोजीपुरा), अरमान (निवासी थाना क्षेत्र इज्जतनगर) तथा देशरतन (निवासी थाना क्षेत्र देवरनिया) के रूप में हुई है. उन्होंने आगे बताया कि इन पांचों आरोपियों को पर्याप्त सबूतों के साथ Wednesday को न्यायालय के समक्ष भेजा गया है. वहीं, Police की ओर से मामले से संबंधित आगे की जांच और कार्रवाई जारी है.

बता दें कि Police की ओर से धोखाधड़ी के खिलाफ इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई का एक दूसरा मामला Saturday को New Delhi से सामने आया, जहां साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के साइबर Police स्टेशन की टीम ने धोखाधड़ी और चोरी के एक मामले को सुलझाया है. इस मामले में दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. दोनों महिलाओं ने कथित तौर पर एक फर्जी डेटिंग ऐप प्रोफाइल का इस्तेमाल करके 67 वर्ष के एक बुजुर्ग से संपर्क किया और बाद में उनका मोबाइल फोन चुराकर उनसे 1.30 लाख रुपए की धोखाधड़ी की.

साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की साइबर Police ने यह कार्रवाई 27 जुलाई को एक बुजुर्ग की शिकायत पर दर्ज First Information Report के आधार पर की, जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया था कि वह एक डेटिंग ऐप के जरिए एक महिला के संपर्क में आया और बाद में टेलीग्राम पर उससे बातचीत की. 24 जुलाई को शिकायतकर्ता डिफेंस कॉलोनी के एक रेस्टोरेंट में दोनों महिलाओं से मिला और उनके साथ डिनर किया. रेस्टोरेंट से निकलते समय कथित तौर पर उसका मोबाइल फोन चोरी हो गया. इसके बाद, उसकी मर्जी के बिना उसके दो बैंक अकाउंट से यूपीआई के जरिए 1 लाख 30 हजार रुपए ट्रांसफर कर लिए गए.

डीके/डीकेपी