
Patna, 23 जून . बिहार में भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर Political विवाद तेज हो गया है. इस मामले में कांग्रेस ने राज्य Government और Police की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने Tuesday को आरोप लगाया कि भरत तिवारी की मुठभेड़ में मौत नहीं हुई, बल्कि उनकी हत्या की गई है.
Patna में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि वह इस घटना को एनकाउंटर मानने से इनकार करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में साजिश की गई और Police अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए.
कांग्रेस सांसद ने कहा, “पहले मैं इस बात को खारिज करता हूं कि भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ, बल्कि उसकी हत्या की गई है. वहां के डीएसपी ने पूरी साजिश रची और उस लड़के की हत्या की.”
उन्होंने कहा कि वह भरत तिवारी के गांव गए थे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की. उन्होंने Government से मांग की कि मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त जज से नहीं, बल्कि Patna हाई कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए. उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है, जिससे किसी तरह के दबाव की संभावना न रहे.
अखिलेश प्रसाद सिंह ने पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता की भी मांग की. उन्होंने कहा कि Government को तत्काल परिवार को एक करोड़ रुपए की सहायता देने की घोषणा करनी चाहिए, ताकि उन्हें राहत मिल सके.
Police कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता. उन्होंने कहा कि किसी बड़े अधिकारी या Political व्यक्ति को भी किसी की जान लेने का अधिकार नहीं है.
कांग्रेस सांसद ने अपने बयान में Mumbai हमलों के दोषी अजमल कसाब का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कसाब ने आतंकी घटना को अंजाम दिया था, लेकिन उसे भी कानूनी प्रक्रिया के तहत सजा दी गई. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कानून के दायरे में होनी चाहिए.
बता दें कि भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर बिहार में Political बयानबाजी जारी है. विपक्ष लगातार इस मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहा है, जबकि Police की कार्रवाई और घटना के वास्तविक तथ्यों को लेकर जांच प्रक्रिया जारी है.
–
एससीएच/डीकेपी
Skip to content