
चंडीगढ़, 5 मई . पंजाब की राजनीति में इन दिनों आरोप-प्रत्यारोप और सियासी घमासान तेज हो गया है. भारतीय जनता पार्टी के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने Chief Minister भगवंत मान पर तीखा हमला बोला.
उन्होंने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब Chief Minister आज President भवन पहुंचें, तो वे President के पद की गरिमा का सम्मान करें, भले ही वे अपने पद और पंजाब विधानसभा की गरिमा को बनाए रखने में विफल रहे हों.
दरअसल, 1 मई को शिरोमणि अकाली दल ने Chief Minister भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाए थे. पार्टी ने मजदूर दिवस के मौके पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि Chief Minister विधानसभा सत्र में नशे की हालत में पहुंचे थे. अकाली दल ने इसे सदन की गरिमा के खिलाफ बताते हुए कड़ी आलोचना की थी. पार्टी ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह बेहद शर्मनाक है कि Chief Minister इस स्थिति में विधानसभा में पहुंचे.
अकाली दल ने कहा, “आप खुद देख सकते हैं कि Chief Minister सदन में किस तरह व्यवहार कर रहे हैं.” पार्टी ने इस पूरे मामले की निंदा करते हुए कहा कि उन्हें शराब पीकर विधानसभा में नहीं आना चाहिए था. साथ ही अकाली दल ने मांग की थी कि Chief Minister का ‘डोप टेस्ट’ कराया जाए, ताकि सच्चाई पूरे पंजाब के सामने आ सके.
इस मुद्दे पर विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी सवाल उठाए. नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने से बातचीत में कहा कि आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुखपाल खैरा ने भी आरोप लगाया था कि Chief Minister शराब के नशे में सदन में बैठे थे. उन्होंने कहा कि अगर यह सच है, तो यह विधानसभा के नियमों और विशेषाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है. उन्होंने उम्मीद जताई कि विधानसभा अध्यक्ष इस मामले का संज्ञान लेंगे और डोप टेस्ट का आदेश देंगे.
इसी बीच, Chief Minister भगवंत मान Tuesday को President द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करने जा रहे हैं. इस दौरान वे आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के मुद्दे को उठाएंगे, जिसे उन्होंने ‘अवैध’ और ‘गैरकानूनी दलबदल’ बताया है.
Chief Minister ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें President भवन से मुलाकात की पुष्टि मिल चुकी है. उन्होंने कहा, “हम सात राज्यसभा सांसदों द्वारा किए गए अवैध और गैरकानूनी दलबदल का मुद्दा President के सामने उठाएंगे.” उन्होंने इन सांसदों पर जनता के जनादेश का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे किसी भी तरह की सहानुभूति के पात्र नहीं हैं और उन्होंने पंजाब के साथ विश्वासघात किया है.
गौरतलब है कि राज्यसभा के सात सांसद (राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता) अप्रैल में आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे. इससे राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की संख्या 10 से घटकर मात्र 3 रह गई है, जो पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
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एएस
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