बेंगलुरु : सातवीं के छात्र ने की आत्महत्या की कोशिश, शिक्षकों पर प्रताड़ना और मारपीट का आरोप

Bengaluru, 15 जुलाई . कर्नाटक के Bengaluru में एक सातवीं कक्षा के छात्र द्वारा कथित रूप से आत्महत्या का प्रयास करने का मामला सामने आया है. छात्र के परिजनों ने स्कूल के शिक्षकों और प्रबंधन पर लगातार मानसिक प्रताड़ना और मारपीट का आरोप लगाया है.

मामला मरियप्पनपाल्या स्थित सेंट फिलोमेना स्कूल का है. पीड़ित छात्र समर्थ एम. (12-13 वर्ष) फिलहाल नयनदहल्ली स्थित नेटस अस्पताल में इलाज करा रहा है.

छात्र के पिता महेश कुमार और मां कुसुमा ने ज्ञानभारती Police थाने में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. परिजनों का आरोप है कि शिक्षकों की मारपीट के कारण छात्र के शरीर पर चोट के निशान आए और वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया.

शिकायत के अनुसार, Tuesday को समर्थ जब स्कूल गया था, तब स्कूल के फाउंडर-सेक्रेटरी रंगास्वामी, प्रिंसिपल और 2-3 शिक्षकों ने कथित रूप से किसी कारण से नाराज होकर उसके साथ मारपीट की. आरोप है कि इस घटना में छात्र के शरीर पर कई जगह चोटें आईं. इसके बाद उसी शाम दर्द और डर के कारण उसने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की.

छात्र के पिता ने शिकायत में बताया कि पिछले कुछ दिनों से समर्थ लगातार कह रहा था कि वह स्कूल नहीं जाना चाहता. वहां शिक्षक, हेडमास्टर/प्रिंसिपल, स्कूल प्रबंधन के सचिव और कुछ अन्य छात्र उसे परेशान कर रहे थे. पिता ने उसे समझाते हुए कहा था कि वह 7वीं कक्षा पूरी कर ले, इसके बाद अगले शैक्षणिक वर्ष में उसका दाखिला दूसरे स्कूल में करा दिया जाएगा.

परिजनों ने स्कूल के शिक्षकों और प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. Police ने मामले की जांच शुरू कर दी है. Police यह पता लगाने में जुटी है कि क्या स्कूल में कथित उत्पीड़न के कारण छात्र ने आत्महत्या का प्रयास किया. प्रारंभिक जांच के बाद Police ने मामले में First Information Report दर्ज कर ली है और आगे की जांच जारी है.

शिकायतकर्ता ने बच्चों के साथ शारीरिक दंड और मानसिक उत्पीड़न को कानून के तहत अपराध बताते हुए संबंधित धाराओं में कार्रवाई की मांग की है. शिकायत में बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा 17, शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 की धारा 17, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 118(1) और 351 तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 75 के तहत कार्रवाई की मांग की गई है.

छात्र के पिता ने स्कूल के फाउंडर-सेक्रेटरी रंगास्वामी, प्रिंसिपल और कथित रूप से मारपीट करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

एएमटी/एबीएम