
कोलकाता, 20 मई . तृणमूल कांग्रेस के पहले से गिरफ्तार बाहुबली नेता शेख शाहजहां से जुड़ी दो महिला नेताओं को उत्तरी 24 परगना जिले में स्थित संदेशखाली से गिरफ्तार कर लिया गया है. यह गिरफ्तारी 2024 में ईडी अधिकारियों पर हुए हिंसक हमले के सिलसिले में की गई है.
यह कार्रवाई तब हुई जब राज्य में Government बदलने के बाद Police ने संदेशखाली मामले में अपनी जांच तेज कर दी. गिरफ्तार किए गए लोगों में संदेशखाली-I पंचायत समिति की अध्यक्ष और बशीरहाट संगठनात्मक जिला तृणमूल अध्यक्ष सबिता रॉय और तृणमूल की एक अन्य प्रभावशाली नेता मिठू सरदार शामिल हैं.
Police के अनुसार, ये दोनों नेता 5 जनवरी 2024 को संदेशखाली के सरबेरिया इलाके में शाहजहां के घर के सामने हुए हमले के पीछे थीं. Police का मानना है कि ईडी अधिकारियों और केंद्रीय बलों के जवानों पर लाठियों और धारदार हथियारों से किए गए इस हमले के पीछे एक बड़ी साजिश थी.
जांचकर्ताओं ने दावा किया कि गिरफ्तार नेताओं के अपराधों की सूची केवल ईडी पर हुए हमले तक ही सीमित नहीं है. उनमें से एक मिठू सरदार पर 2021 में चुनाव के बाद हुई हिंसा के संबंध में भी कई गंभीर आरोप हैं. चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विपक्षी Political कार्यकर्ताओं पर अत्याचार करने, घरों में तोड़फोड़ करने और इलाके में दहशत फैलाने के मामलों में अतीत में भी उनका नाम सामने आया था.
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ये दोनों नेता लंबे समय से शाहजहां के संरक्षण में इलाके में समानांतर सत्ता चला रही थीं. Police के अनुसार, गिरफ्तार नेताओं को बशीरहाट अदालत में पेश किया जाएगा और उन्हें Police हिरासत में लेने के लिए आवेदन किया जाएगा. 2021 की चुनाव-बाद हिंसा से लेकर 2024 में केंद्रीय एजेंसियों पर हुए हमले तक, Police सूत्रों ने दावा किया कि इन महिलाओं ने हर मामले में सक्रिय भूमिका निभाई थी.
5 जनवरी 2024 को Enforcement Directorate (ईडी) की एक टीम राशन भ्रष्टाचार के एक मामले की जांच के लिए बशीरहाट के संदेशखाली ब्लॉक के अगरहाटी इलाके में गई थी. यह कार्रवाई उत्तर 24 परगना जिला परिषद के कार्यकारी निदेशक और तृणमूल के कद्दावर नेता शेख शाहजहां के खिलाफ थी.
शाहजहां के समर्थकों ने ईडी की टीम पर बेरहमी से हमला किया था, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई थीं. फरवरी 2024 में इस इलाके में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए क्योंकि ग्रामीणों ने शेख शाहजहां और उसके साथियों पर जमीन हड़पने और महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था.
ईडी टीम पर अपने समर्थकों द्वारा किए हमले के 55 दिनों तक फरार रहे शाहजहां को 29 फरवरी 2024 को गिरफ्तार कर लिया गया था. ईडी टीम राशन घोटाले में उसकी संलिप्तता की जांच कर रही थी और उसके घर पर तलाशी अभियान चलाने जा रही थी, तभी उन्हें रोककर उन पर हमला कर दिया गया.
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डीकेएम/पीएम
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