
कोलकाता, 20 मई . पश्चिम बंगाल Government ने राज्य कैडर के तीन भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों का एक पैनल India निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को भेजा है, ताकि आयोग उनमें से किसी एक को राज्य का नया मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नियुक्त कर सके.
पश्चिम बंगाल के पूर्व सीईओ, मनोज कुमार अग्रवाल, अभी राज्य के मुख्य सचिव हैं. उन्हें यह पद तब मिला, जब राज्य के नौवें Chief Minister , सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नई राज्य कैबिनेट ने कार्यभार संभाला.
इसी समय, ईसीआई द्वारा नियुक्त पूर्व विशेष चुनाव पर्यवेक्षक, सुब्रत गुप्ता को नए Chief Minister का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया. अग्रवाल और गुप्ता, दोनों को ही राज्य में ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) अभियान को प्रभावी ढंग से संभालने और हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों को शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से कराने का श्रेय दिया गया.
तीन आईएएस अधिकारियों के जिस पैनल के नाम नई राज्य Government ने ईसीआई को सुझाए हैं, उनमें नीलम मीणा, तन्मय चक्रवर्ती और मौमिता गोदारा बसु शामिल हैं.
इनमें सबसे वरिष्ठ मीणा हैं, जो 1998 बैच की आईएएस अधिकारी हैं. वरिष्ठता क्रम में उनके बाद चक्रवर्ती का नंबर आता है, जो 2006 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. बसु 2007 बैच की आईएएस अधिकारी हैं.
पश्चिम बंगाल कैडर के 1990 बैच के आईएएस अधिकारी अग्रवाल, मार्च 2025 में पश्चिम बंगाल के सीईओ बने थे. इससे पहले, वह पिछली ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली Government में राज्य के अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं, वन और आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के तौर पर कार्यभार संभाल रहे थे.
याद दिला दें कि इस साल मार्च में, मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार द्वारा विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा किए जाने के तुरंत बाद, ईसीआई ने तत्कालीन मुख्य सचिव, नंदिनी चक्रवर्ती को हटाकर उनकी जगह दुष्यंत नारियाला को नियुक्त कर दिया था.
फिर, नई Government के कार्यभार संभालने के बाद, नारियाला का तबादला करके उन्हें दिल्ली में पश्चिम बंगाल Government का ‘रेजिडेंट कमिश्नर’ बना दिया गया, और उनकी जगह अग्रवाल को नियुक्त किया गया.
नंदिनी चक्रवर्ती, जो ‘विकास कार्यों की मुख्य समन्वयक’ (एक ऐसा पद जो सीधे Chief Minister कार्यालय – सीएमओ के अधीन आता है) के तौर पर कार्यरत हैं, अभी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं. उन्हें राज्य में बांग्लादेश के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कंटीले तारों की बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को जमीन का हस्तांतरण सुचारू रूप से सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया है.
–
एससीएच/पीएम
Skip to content