
कोलकाता, 27 जुलाई . पश्चिम बंगाल के Chief Minister सुवेंदु अधिकारी ने Monday को राज्य के उन 11 प्रवासी मजदूरों के परिवारों को 5-5 लाख रुपए के मुआवजे के चेक सौंपे, जिनकी 20 जुलाई को सिक्किम के नामची में एनएचपीसी लिमिटेड की निर्माणाधीन सुरंग में मौत हो गई थी.
इसके साथ ही Chief Minister ने इन 11 परिवारों में से हर एक के एक सदस्य को राज्य Police में होम गार्ड के तौर पर नौकरी देने का वादा भी किया.
Chief Minister Monday दोपहर सिलीगुड़ी के बागडोगरा एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर के जरिए जलपाईगुड़ी एसएआई स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अस्थायी हेलीपैड पर उतरे. वहां से, वह सड़क मार्ग से जलपाईगुड़ी जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय गए और मारे गए मजदूरों के परिवारों से मिले.
मीडियाकर्मियों से बात करते हुए अधिकारी ने कहा कि पिछली तृणमूल कांग्रेस Government के दौरान औद्योगिक इकाइयों के चले जाने के कारण राज्य में रोजगार के अवसर कम हो गए थे, जिससे कई युवाओं को दूसरे राज्यों में प्रवासी मजदूर के तौर पर काम करने के लिए मजबूर होना पड़ा.
Chief Minister ने कहा, “मारे गए मजदूर काम के लिए दूसरे राज्यों में गए थे. पश्चिम बंगाल में रोजगार नहीं है. लेकिन राज्य Government धीरे-धीरे रोजगार के अवसर पैदा करके स्थिति को बदलने की कोशिश कर रही है. मैं प्रवासी मजदूरों से कहूंगा कि वे धीरे-धीरे राज्य में लौटना शुरू करें. हम बड़ी फैक्टरियों और छोटे व कुटीर उद्योगों में काम का इंतजाम करेंगे. साथ ही, सरकारी स्तर पर भी रोजगार शुरू होगा.”
उन्होंने आगे कहा, “नई राज्य Government के सत्ता में आए अभी सिर्फ 10 सप्ताह हुए हैं. अब तक ओबीसी को लेकर कानूनी पेचीदगी रही है. पिछली राज्य Government ने तुष्टीकरण की राजनीति करके ओबीसी को लेकर मुश्किलें पैदा की थीं. हमने विधानसभा में बिल पास किया है और उसमें संशोधन किया है. इस बार हम सभी काम तेजी से शुरू करेंगे.”
उन्होंने यह भी घोषणा की कि उत्तर बंगाल में बंद पड़े 25 चाय बागानों में से लगभग 12 को तीन महीने के भीतर फिर से खोल दिया जाएगा. साथ ही, उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मशहूर दूध-उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को दक्षिण बंगाल और उत्तर बंगाल में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए 15-15 एकड़ जमीन दी जाएगी.
उन्होंने कहा, “ये औद्योगिक इकाइयां अतिरिक्त रोजगार के अवसर प्रदान करेंगी. इसके साथ ही, चाय बागानों को Prime Minister चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना (पीएमसीएसपीवाई) से फायदा होगा.”
–
एससीएच/एबीएम
Skip to content