बरुईपुर नाबालिग दुष्कर्म-हत्या मामला: एसआईटी को मिले डिजिटल सबूत, पूर्व-नियोजित साजिश के संकेत

कोलकाता, 7 जुलाई . पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर में इस सप्ताह की शुरुआत में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को कुछ अहम डिजिटल सबूत मिले हैं. इनसे संकेत मिलता है कि वारदात पहले से योजना बनाकर की गई है.

बरुईपुर जिला Police के एक सूत्र के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन की टावर लोकेशन 4 जुलाई को शाम 4:30 बजे से रात 11 बजे के बीच एक ही स्थान पर मिली. यह समय कथित अपराध के अनुमानित समय से मेल खाता है.

परिजनों के अनुसार, 12 वर्षीय पीड़िता 4 जुलाई की शाम करीब 6 बजे लापता हो गई थी. अगले दिन 5 जुलाई की सुबह उसका शव बरुईपुर के एक तालाब से बरामद किया गया.

सूत्र ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड की जांच में संकेत मिला है कि अपराध की योजना मुख्य आरोपी आनंद Government ने बनाई थी. अन्य दो आरोपी प्रवास मंडल और दिबाकर सरदार उसके निर्देशों के अनुसार काम कर रहे थे.

प्रवास और दिबाकर को Monday को बरुईपुर की जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की Police हिरासत में भेज दिया गया.

वहीं, मुख्य आरोपी आनंद, जिसे Monday दोपहर गिरफ्तार किया गया था, को Tuesday को उसी अदालत में पेश किया जाएगा. लोक अभियोजक उसके लिए भी Police हिरासत की मांग करेंगे.

बरुईपुर जिला Police के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया, “तीनों आरोपियों को Police की हिरासत में मिलते ही जांच अधिकारी उनसे एक साथ पूछताछ करेंगे, ताकि अपराध की पूरी योजना और कार्यप्रणाली की स्पष्ट जानकारी मिल सके.”

पश्चिम बंगाल के Chief Minister सुवेंदु अधिकारी आज बाद में बरुईपुर जाएंगे और पीड़ित परिवार वालों से बातचीत करेंगे.

पश्चिम बंगाल भाजपा की एक टीम Tuesday को बरुईपुर जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करेगी. इस टीम का नेतृत्व राज्य की नगर पालिका एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल करेंगी.

इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने बरुईपुर दुर्घटना का स्वतः संज्ञान लिया है और पश्चिम बंगाल के Police महानिदेशक से सात दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) मांगी है.

आयोग ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत First Information Report दर्ज करने, कथित दुष्कर्म और हत्या में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और जांच की प्रगति की जानकारी मांगी है.

आयोग ने भीड़ द्वारा की गई लिंचिंग की जांच, इसमें शामिल लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई और Police की ओर से बरती गई किसी भी लापरवाही की जानकारी मांगी है. इसके अलावा आयोग ने फोरेंसिक और पोस्टमार्टम जांच, साथ ही पीड़ित परिवार को दी गई चिकित्सा, मानसिक, कानूनी और मुआवजा सहायता का भी विवरण मांगा है.

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