
Mumbai , 27 जुलाई . Mumbai Police ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 36 वर्षीय एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है. उस पर फर्जी तरीके से हासिल किए गए भारतीय पासपोर्ट के जरिए यात्रा करने का आरोप है.
आरोपी की पहचान बाबू बिस्वास उर्फ तपस बिस्वास के रूप में हुई है. आव्रजन अधिकारियों को उसके भारतीय पासपोर्ट पर उस समय शक हुआ, जब उन्होंने पाया कि उसका बोलने का लहजा बांग्लादेश में बोली जाने वाली भाषा से काफी मिलता-जुलता था.
Police के अनुसार, बिस्वास वर्ष 2016 में पत्नी और परिवार के साथ पश्चिम बंगाल सीमा के रास्ते अवैध रूप से India आया था. इसके बाद वह पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में रहने लगा और करीब सात साल तक कोलकाता में दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम करता रहा.
Police ने बताया कि India आने के बाद आरोपी ने आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे भारतीय पहचान दस्तावेज बनवा लिए. इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने वर्ष 2019 में कोलकाता पासपोर्ट कार्यालय से भारतीय पासपोर्ट भी हासिल कर लिया. जांच के दौरान पता चला कि उसने इसी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर विदेश यात्राएं भी कीं. वह वर्ष 2023 में दो बार मालदीव और कम से कम एक बार कोलंबो गया, लेकिन इस दौरान किसी को उस पर शक नहीं हुआ.
एक Police अधिकारी ने बताया कि अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि किन एजेंटों ने आरोपी को फर्जी भारतीय पहचान दस्तावेज और पासपोर्ट बनवाने में मदद की थी. Police उन सभी लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जो इस पूरे मामले में शामिल हो सकते हैं.
कोलंबो से Mumbai हवाई अड्डे पहुंचने पर आरोपी को रोक लिया गया. वह आव्रजन जांच के लिए काउंटर पर पहुंचा, जहां उसने अपना भारतीय पासपोर्ट और बोर्डिंग पास अधिकारियों को दिखाया.
काउंटर नंबर 23 पर तैनात एक सहायक आव्रजन अधिकारी ने बताया कि यात्री श्रीलंकाई एयरलाइंस की उड़ान संख्या यूएल-141 से तड़के सुबह करीब साढ़े तीन बजे Mumbai पहुंचा था.
अधिकारी ने कहा, “भारतीय पासपोर्ट की जांच के दौरान मुझे शक हुआ कि यात्री बांग्लादेश का रहने वाला है. मैंने उससे कुछ सवाल पूछे, लेकिन वह उनका संतोषजनक जवाब नहीं दे सका.”
शुरुआती पूछताछ के बाद यात्री को विस्तृत पूछताछ के लिए आव्रजन शाखा के प्रभारी अधिकारी और ड्यूटी पर मौजूद अन्य अधिकारियों के सामने पेश किया गया. पूछताछ के दौरान पता चला कि वह मूल रूप से बांग्लादेश के फरीदपुर का रहने वाला है.
Police ने बताया कि जब बिस्वास ने अपनी पत्नी से व्हाट्सएप पर संपर्क कर अपनी पहचान से जुड़े दस्तावेज भेजने को कहा, तब उसके बांग्लादेशी होने का शक और मजबूत हो गया. इसके बाद उसकी पत्नी ने बांग्लादेश में बिस्वास के पिता के नाम पर दर्ज जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेजों की प्रतियां भेजीं. इन दस्तावेजों से पुष्टि हुई कि बिस्वास मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला है.
सहार Police थाने के एक अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह वर्ष 2016 में अपने परिवार के साथ अवैध रूप से India आया था. उसने यह भी बताया कि पश्चिम बंगाल में रहने के दौरान एक स्थानीय व्यक्ति की मदद से उसने आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाए. बाद में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने भारतीय पासपोर्ट भी हासिल कर लिया.
Police अब उस पूरे गिरोह की जांच कर रही है, जिसने आरोपी को फर्जी पहचान दस्तावेज बनवाने में मदद की. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि किन लोगों की मदद से वह India में अवैध रूप से रह रहा था और भारतीय पासपोर्ट के जरिए विदेश यात्राएं कर रहा था.
इस बीच Mumbai अपराध शाखा ने हाल ही में बताया कि शहर के अलग-अलग इलाकों में चलाए गए अभियानों के दौरान पकड़े गए 53 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. Police इस मामले की आगे की जांच कर रही है.
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एसएचके/
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