
कोलकाता, 24 मई . पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के जगाचा थाना क्षेत्र से एक बांग्लादेशी दंपति को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर पिछले 14 वर्षों से अवैध रूप से रह रहे थे.
गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान 36 वर्षीय रमजान गाजी और 34 वर्षीय आरिफा बेगम के रूप में हुई है.
Police के अनुसार, सूचना मिलने पर जगाचा थाना क्षेत्र के एक घर पर छापा मारा गया, जिसके दौरान दंपति को पकड़ा गया. Police ने बताया कि दोनों पति-पत्नी हैं और अपने चार बच्चों के साथ वहां रह रहे थे.
दो बच्चे सात साल से कम उम्र के हैं. उन्हें हावड़ा जिले के लिलुआह स्थित एक आश्रय गृह में भेज दिया गया है, जबकि शेष दो बच्चों को उनकी मां के साथ रखा गया है.
प्रारंभिक जांच के बाद, Police ने बताया कि बांग्लादेशी दंपति पिछले 14 वर्षों से India में अवैध रूप से रह रहे थे. आरोप है कि रमजान और आरिफा ने सीमा पर सक्रिय दलालों को बड़ी रकम देकर पश्चिम बंगाल में प्रवेश किया था.
तब से वे कथित तौर पर हावड़ा जिले के जगाचा Police थाना क्षेत्र के उनसानी मझरपारा इलाके में रह रहे थे.
रमजान कथित तौर पर स्थानीय बाजार में नारियल पानी, ताड़ के फल और अन्य सामान बेचकर अपना गुजारा करता था.
Police के अनुसार, 2014 तक इस दंपति ने कथित तौर पर जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट बनवा लिए थे. दंपति ने कथित तौर पर पिछले Lok Sabha चुनावों में भी वोट डाला था.
Police सूत्रों ने बताया कि हाल ही में आयोजित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद रमजान और आरिफा के नाम बंगाल की मतदाता सूची से हटा दिए गए थे.
जागाचा Police थाना ने बाद में दंपति को देश में अवैध रूप से प्रवेश करने और अनाधिकृत रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. Police सूत्रों के अनुसार, उनके खिलाफ आव्रजन और विदेशी अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
Thursday को हावड़ा स्थित नए कलेक्ट्रेट भवन में हुई उच्च स्तरीय प्रशासनिक बैठक के बाद Chief Minister सुवेंदु अधिकारी ने Police को निर्देश दिया कि यदि हावड़ा थाने में बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ा जाता है, तो उन्हें सीधे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंप दिया जाए.
राज्य Government ने आगे कहा कि घुसपैठ के संदेह में हाल ही में गिरफ्तार किए गए लोगों के अलावा, पहले गिरफ्तार किए गए और वर्तमान में निर्वासन की प्रतीक्षा में जेल में बंद व्यक्तियों को भी हिरासत केंद्रों में स्थानांतरित किया जा सकता है.
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एमएस/
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