भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त ने प्रसिद्ध फोटोग्राफर रघु राय के निधन पर शोक जताया

New Delhi, 26 अप्रैल . India में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह ने Sunday को प्रसिद्ध फोटोग्राफर रघु राय के निधन पर शोक व्यक्त किया.

रियाज हमीदुल्लाह ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मेरे प्यारे रघु भाई, मैं अब कभी फोन पर आपकी दिल को छू लेने वाली आवाज नहीं सुन पाऊंगा, जो मुझे बेदाग उर्दू में अभिवादन करती थी और आपके विशिष्ट स्नेह से मेरे खालीपन को भर देती थी! पिछले अप्रैल (2025) में, दिल्ली में कार्यभार संभालने के दो सप्ताह के भीतर ही मुझे उनका फोन आया, “रियाज भाई, मैं आपको ‘भाई’ कहकर बुलाने की हिम्मत कर रहा हूं, आशा है आप मुझे इसकी अनुमति देंगे… .”

रियाज आगे लिखा कि उन्होंने अपनी बेटी के माध्यम से अपनी पुस्तक, ‘बर्थ ऑफ ए नेशन,’ भेजी (जो 1971 के युद्ध के उन सभी दुर्लभ नेगेटिव पर आधारित है जो उन्होंने अपने संग्रह में कहीं खो दिए थे). वे मेरे बचपन के नायकों में से एक थे. कई युवा शायद नहीं जानते होंगे: अगस्त 1971 में रघु राय बांग्लादेश में मुक्ति युद्ध को कवर करने के लिए गए थे. उन्होंने युद्धक्षेत्रों, गांवों और शरणार्थी शिविरों में लोगों के भीषण कष्ट, पीड़ा और अपमान के अपने अनुभव मेरे साथ साझा किए.

उन्होंने कहा, “रघु भाई ने मुझे एक घात लगाकर किए गए हमले की दिल दहला देने वाली घटना सुनाई, जिसमें छर्रे लगने के बावजूद उन्होंने तस्वीरें खींचना जारी रखा! जमीन पर जो कुछ उन्होंने देखा, वह उन्हें अपने बचपन की याद दिलाता था, जब उनके परिवार को इतनी अनिश्चितताओं का सामना करते हुए India आना पड़ा था (1947). तब वे मुश्किल से 5 साल के थे. 1972 में, Government ने युवा रघु राय को युद्ध पर उनकी युगांतरकारी फोटोग्राफी के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया.

उन्होंने कहा कि अप्रैल 2025 से, रघु भाई ने मुझे छोटे भाई की तरह प्यार से अपनाया. फोटोग्राफी, कला और सौंदर्यशास्त्र की दुनिया में एक महान व्यक्तित्व, जब भी मैं उन्हें फोन करता, वे फोन पर लगभग गले लगाकर ही मेरा अभिवादन करते थे. शब्दों में उनका वर्णन करना मुश्किल है. रघु भाई, आठ दशकों में, आपने दूर-दूर तक अनगिनत लोगों के दिलों को छुआ. आप सिर्फ India के नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के थे. अलविदा, रघु भाई. आपकी आत्मा को शांति मिले.

एमएस/