
ढाका, 24 मई . बांग्लादेश में India के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने Sunday को बांग्लादेश के Prime Minister तारिक रहमान से शिष्टाचार भेंट की. वर्मा का कार्यकाल समाप्त हो गया है और उन्होंने औपचारिक रूप से विदाई ली. उनकी जगह अब दिनेश त्रिवेदी India के नए उच्चायुक्त के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे.
प्रणय वर्मा ने बांग्लादेश सचिवालय के कैबिनेट डिवीजन स्थित Prime Minister कार्यालय में तारिक रहमान से मुलाकात की. इस बैठक में Pakistan के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान भी मौजूद थे.
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने आधिकारिक एक्स हैंडल से कुछ तस्वीरों के साथ इसकी जानकारी दी. बताया कि विदाई से पहले की ये शिष्टाचार मुलाकात थी.
आईएफएस प्रणय वर्मा को बेल्जियम और यूरोपीय संघ (ईयू) में India का राजदूत नियुक्त किया गया है. ब्रुसेल्स स्थित भारतीय दूतावास यूरोपीय संघ के साथ-साथ लक्जमबर्ग के लिए भी आधिकारिक मिशन के रूप में कार्य करता है.
प्रणय वर्मा का कूटनीतिक करियर काफी समृद्ध रहा है. उन्होंने हांगकांग, सैन फ्रांसिस्को, बीजिंग, काठमांडू और वॉशिंगटन डीसी में अपनी सेवाएं दी हैं. वर्मा वियतनाम में भी India के राजदूत रहे. इसके अलावा, विदेश मंत्रालय में पूर्वी एशिया डिवीजन में संयुक्त सचिव के रूप में भी उन्होंने काम किया है. पूर्वी और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ India के रिश्तों को समृद्ध बनाने में अहम योगदान दे चुके हैं.
बांग्लादेश में प्रणय वर्मा का स्थान पूर्व Union Minister दिनेश त्रिवेदी लेंगे. त्रिवेदी भारतीय राजनीति का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्होंने संसद, Government और कूटनीति तीनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. मंझे हुए राजनेता के सामने चुनौती तो है, लेकिन अनुभव ऐसा है कि रिश्ते बेहतर होंगे, इसकी उम्मीद बढ़ जाती है.
त्रिवेदी ने कोलकाता के ही सेंट जेवियर्स कॉलेज से वाणिज्य में स्नातक किया और बाद में अमेरिका से प्रबंधन की पढ़ाई की. राजनीति में आने से पहले वे व्यवसाय और एविएशन क्षेत्र से जुड़े रहे तथा एक प्रशिक्षित पायलट भी रहे हैं. अपने Political जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की, लेकिन बाद में वे जनता दल में शामिल हुए फिर टीएमसी से होते हुए भाजपा में पहुंचे.
त्रिवेदी कई संसदीय समितियों के सदस्य रहे हैं, और संसदीय कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी के लिए उन्हें ‘आउटस्टैंडिंग पार्लियामेंटेरियन अवॉर्ड’ (2016-17) से भी सम्मानित किया गया. वह इंडो-यूरोपियन यूनियन पार्लियामेंट्री फोरम के चेयरमैन और विभिन्न संसदीय समितियों (वित्त, वाणिज्य, आदि) में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं.
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केआर/
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