बद्रीश संयुक्त संघर्ष समिति ने की बद्रीनाथ मंदिर में ‘अनियमितताओं’ की एसआईटी जांच कराने की मांग

चमोली, 4 जुलाई . बद्रीश संयुक्त संघर्ष समिति ने उत्तराखंड के Chief Minister पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर श्री बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे केगबन की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने की मांग की है.

यह मांग ऐसे समय में उठी है, जब अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर विवाद चल रहा है. इससे पहले बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने भी इस मामले की औपचारिक जांच के आदेश दिए थे.

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि समिति ने social media पर लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लिया है. इन दावों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए एक जांच समिति का गठन किया गया है.

उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों के नाम आरोपों में सामने आए हैं, उन्हें भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है.

द्विवेदी ने social media पर चल रहे उन दावों को भी खारिज कर दिया, जिनमें कर्मचारियों में से एक को उनका “निजी सचिव” बताया गया था.

इस मामले पर सफाई देते हुए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष ने कहा कि संबंधित व्यक्ति उनका निजी सचिव नहीं है. वह समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है और पहले भी समिति के अन्य अध्यक्षों के साथ काम कर चुका है.

हेमंत द्विवेदी ने कहा, “श्री बद्रीनाथ मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं. मंदिर समिति ने इस मामले को गंभीरता से लिया है. पूरे मामले की निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर जांच के लिए एक समिति बनाई गई है. जिन कर्मचारियों पर आरोप लगे हैं, उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है. जांच पूरी होने के बाद यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.”

श्रद्धालुओं और आम लोगों से अपील करते हुए हेमंत द्विवेदी ने कहा कि श्री बद्रीनाथ धाम और श्री केदारनाथ धाम देशभर के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं.

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे social media पर बिना पुष्टि वाली अफवाहों या भ्रामक जानकारी को साझा न करें. साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच के नतीजों का इंतजार करें.

इस बीच अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 6 जुलाई को एक अहम बैठक होने वाली है, जिसमें सदस्य ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर विचार करेंगे.

इस बैठक में मंदिर के लिए जुटाए गए चंदे और राम मंदिर के प्रबंधन से जुड़ी कथित अनियमितताओं की विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही जांच पर भी चर्चा होगी.

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