गलत सलाह से भारत-अमेरिका संबंधों में आई गिरावट, भरोसा बहाल करने की जरूरत : मैरी मिलबेन (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

वॉशिंगटन, 28 मई . अफ्रीकी-अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने कहा है कि President डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका और India के रिश्ते कमजोर हुए हैं. उन्होंने इसका कारण व्हाइट हाउस के भीतर गलत सलाह को बताया और कहा कि New Delhi के साथ भरोसा फिर से बनाने के लिए असली और ईमानदार कोशिश की जरूरत है.

मिलबेन ने कहा कि ट्रंप के पहले कार्यकाल और अब के समय में बड़ा फर्क है. उनके मुताबिक पहले कार्यकाल के सलाहकार India को बेहतर समझते थे, लेकिन अब ‘गलत लोग’ India से जुड़े मामलों पर President को सलाह दे रहे हैं.

को दिए एक खास इंटरव्यू में बात करते हुए मिलबेन ने कहा कि अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो की हाल की India यात्रा निजी तौर पर उनके लिए अहम रही, लेकिन इससे दोनों देशों के रिश्तों में बड़े स्तर पर सुधार नहीं हुआ.

उन्होंने कहा, “मैं साफ-साफ कहूं तो नहीं, मुझे नहीं लगता कि इस यात्रा से अमेरिका-India रिश्तों में कोई खास सुधार हुआ है. ट्रंप प्रशासन ने इस दिशा में कोई गंभीर कदम नहीं उठाया है.”

उन्‍होंने रूबियो की यात्रा के दौरान India की मेहमाननवाजी और नेतृत्व की तारीफ की. मिलबेन अक्सर भारत-अमेरिका संबंधों और India के Prime Minister Narendra Modi के समर्थन में बोलती रही हैं.

उन्होंने कहा, “रुबियो को India में देखना बहुत अच्छा लगा. यह शायद उनका India का पहला दौरा था.”

उन्होंने यह भी कहा कि उनके और उनकी पत्नी के लिए यह जरूरी था कि वे ‘इस खूबसूरत देश, इसकी धरती और यहां के अच्छे लोगों’ को देखें और समझें.

मिलबेन ने India के नेताओं की भी तारीफ की जिन्होंने इस यात्रा के दौरान रुबियो की मेजबानी की.

उन्होंने कहा, “Prime Minister बहुत ही शालीन और विनम्र थे. India का नेतृत्व बहुत ही अच्छा है. यहां के लोग भी बहुत दयालु हैं.”

रुबियो ने इस यात्रा में सिर्फ New Delhi ही नहीं, बल्कि India के कई हिस्सों का दौरा किया, जैसे कोलकाता, jaipur और आगरा. मिलबेन के मुताबिक इससे उन्हें India की संस्कृति और समाज को बेहतर समझने का मौका मिला.

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इतने बड़े Political रिश्ते की समस्याएं सिर्फ एक यात्रा से हल नहीं हो सकतीं.

जब उनसे पूछा गया कि दोनों देशों के रिश्ते कैसे सुधर सकते हैं, तो उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इसे सुधारने में अगला चुनाव चक्र लग जाएगा, अगर मैं ईमानदारी से कहूं.”

मिलबेन ने कहा कि दुनिया भर के नेता अमेरिका की राजनीति में होने वाले बदलावों को अगले President चुनाव से पहले बहुत ध्यान से देख रहे हैं.

“Prime Minister मोदी और दुनिया भर के नेता यह जरूर देख रहे हैं कि नवंबर में क्या होने वाला है,” उन्होंने कहा.

India को ‘हमारा सबसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक साझेदार’ बताते हुए मिल्बेन ने कहा कि New Delhi के साथ भरोसा दोबारा बनाना ‘अमेरिकी नेताओं की सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए.’

उन्होंने अमेरिका में India के मौजूदा राजदूत सर्जियो गोर की भी तारीफ की और कहा, “मैं सर्जियो की सराहना करती हूं, जो अभी India में अमेरिका के राजदूत हैं, और मुझे लगता है कि जितनी जिम्मेदारी उन्हें दी गई है, उसके हिसाब से वे बहुत अच्छा काम कर रहे हैं.”

मिलबेन ने ट्रंप की पहली Government और अभी की Government के बीच फर्क भी बताया. उन्होंने कहा कि पहले कार्यकाल में उनके सलाहकार India और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के महत्व को बेहतर समझते थे.

उन्होंने कहा, “President के पास उस समय सही लोग थे जो उन्हें सलाह दे रहे थे कि India के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखना कितना जरूरी है.” उन्होंने ट्रंप के पहले कार्यकाल में टेक्सास में हुए ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम का भी जिक्र किया.

उन्होंने कहा, “यह प्रशासन 2.0, सच कहूं तो, इसमें सही लोग नहीं हैं.” India से जुड़े टैरिफ नीति पर उन्हें गलत सलाह दी गई थी.

मिलबेन ने अप्रवासियों और भारतीय-अमेरिकी समुदाय को लेकर इस्तेमाल की जा रही भाषा की भी आलोचना की.

उन्होंने कहा, “मैं इस बात से बहुत निराश और परेशान हूँ कि इस प्रशासन ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बारे में इतने नकारात्मक तरीके से बात की है.” उन्होंने कहा कि रिश्ते सुधारने के लिए वॉशिंगटन को ज्यादा सम्मानजनक भाषा अपनानी होगी.

मिलबेन ने उम्मीद जताई कि आने वाले अमेरिकी नेता विविधता को अपनाएंगे और साथ ही सीमा सुरक्षा को भी बनाए रखेंगे.

एवाई/पीएम