
रांची, 21 अगस्त . Jharkhand की राजधानी रांची में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक झड़प में बदल गया. छात्रों ने Chief Minister हेमंत सोरेन का पुतला जलाने के लिए मार्च निकाला था; इसी दौरान Police और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसमें कई छात्र घायल हो गए और Police को लाठीचार्ज करना पड़ा. इस पूरे मामले पर राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन Government पर जोरदार हमला बोला है.
बाबूलाल मरांडी आरोप लगाया कि छात्रों के पुतला दहन विरोध प्रदर्शन के दौरान जेएमएम कार्यकर्ताओं ने छात्रों के साथ बदसलूकी की और उन्हें खदेड़ा.
मरांडी ने कहा, “स्वाभाविक है कि इस वजह से बच्चे पूरी तरह से आक्रोशित और गुस्से में हैं. फिर भी, बच्चे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे हैं. और इसके बावजूद जेएमएम, हेमंत सोरेन या Government को कोई शर्म नहीं आ रही है. इसलिए, Government के गुंडे, मैं उन्हें गुंडे ही कहूंगा, लाठियों का इस्तेमाल कर रहे हैं. लेकिन अगर Jharkhand के बच्चे हर गांव में लाठियां लेकर निकल पड़े, तो जेएमएम वालों को भागने का रास्ता भी नहीं मिलेगा.”
उन्होंने आगे कहा, “हालांकि छात्र गुस्से में हैं, फिर भी वे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे हैं. इसके बावजूद जेएमएम के नेतृत्व वाली हेमंत सोरेन Government उनकी बात नहीं सुन रही है. लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना और पुतले जलाना संवैधानिक अधिकार हैं.”
बाबूलाल मरांडी ने Chief Minister से मांग की कि वे अपना वादा पूरा करें और छात्रों की मांग के अनुसार मामले को सीबीआई को सौंप दें.
दरअसल, जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं को रद्द करने के Government के फैसले पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद छात्रों में आक्रोश बढ़ गया है. इसी के विरोध में छात्र अल्बर्ट एक्का चौक पर पुतला दहन करने पहुंचे थे. छात्रों का आरोप है कि इसी दौरान जेएमएम के कार्यकर्ताओं ने आकर पुतला छीनने की कोशिश की और छात्राओं के साथ बदसलूकी की.
छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, “हम नारे लगाते हुए पुतला जलाने आए थे. इसी बीच जेएमएम ने अपना एक आदमी भेजा और उसने आकर हमसे पुतला छीनने की कोशिश की. उसने पुतला ले जा रही लड़की के साथ बदसलूकी करने की भी कोशिश की और उसके कपड़े फाड़ दिए.”
एक अन्य प्रदर्शनकारी छात्र ने आरोप लगाया, “हमें नहीं पता था कि जेएमएम के गुंडे भेजे गए थे. लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की कोशिशें हुईं, लड़कियों को छुआ गया. Police प्रशासन उन्हें बचाने की कोशिश कर रहा है.”
इस घटना के बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया. तबीयत बिगड़ने पर छात्र नेताओं कुणाल और रवींद्र को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल के बाहर उनसे मिलने आए छात्रों और Police के बीच फिर से झड़प हो गई, जिसके बाद Police ने लाठीचार्ज किया.
लालपुर थाना प्रभारी रूपेश कुमार ने कहा, “वे जेल चौक से भी आगे बढ़ना चाहते थे, लेकिन उन्हें बड़ी मुश्किल से वहां रोका गया. कई जगहों पर उन्होंने ज्वलनशील पदार्थों, पेट्रोल और अन्य चीजों का इस्तेमाल करके आग लगाना शुरू कर दिया.”
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एससीएच
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