
New Delhi, 27 जुलाई . बरसात के मौसम में केवल गर्मी से ही राहत नहीं मिलती, बल्कि मौसमी इंफेक्शन का भी खतरा रहता है. छोटी-छोटी सावधानियां बरतने से मौसमी इंफेक्शन से बचा जा सकता है, जिससे सेहत बनाए रखने में मदद मिलती है और बीमारियां नहीं होती हैं.
मौसमी इंफेक्शन से बचने के लिए आयुष मंत्रालय की ओर से जानकारी साझा की गई है. आयुष मंत्रालय ने बताया है कि एक हेल्दी मानसून की शुरुआत साफ-सफाई की आसान आदतों से होती है. रोजाना की छोटी-छोटी सावधानियां मौसमी इंफेक्शन से बचाने और पूरी सेहत को बनाए रखने में बहुत मदद कर सकती हैं.
आयुष मंत्रालय ने मौसमी इंफेक्शन से बचने के लिए हाइजीन चेकलिस्ट जारी की है. बताया गया है कि बरसात के मौसम में हाथ को नियमित तौर पर साबुन और पानी से धोना चाहिए. गीले कपड़े को तुरंत बदले चाहिए. अपने पैर साफ और सूखा रखना चाहिए. पानी जमा होने से रोकने के लिए अपने आसपास साफ-सफाई रखनी चाहिए और मच्छरों को कम करने के लिए कचरे को ठीक से फेंकना चाहिए. अगर इन छोटी-छोटी सावधानियों को बरता जाता है तो मौसमी इंफेक्शन से बचा जा सकता है.
आयुष मंत्रालय ने बीते दिन खांसी के आम लक्षणों को पहचानने और आयुष पर आधारित आसान सेल्फ-केयर उपायों के बारे में जानकारी दी थी. social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आयुष मंत्रालय ने लिखा था, “लक्षणों से लेकर सेहत तक, बेहतर सांस की सेहत की ओर पहला कदम उठाएं. खांसी के आम लक्षणों को पहचानें और आयुष पर आधारित आसान सेल्फ-केयर उपायों के बारे में जानें जो एक हेल्दी लाइफस्टाइल के हिस्से के तौर पर आराम और रिकवरी में मदद कर सकते हैं.”
सूखी खांसी के लिए आयुष मंत्रालय ने बताया था कि मुलेठी (लिकोरिस) या लौंग का एक छोटा टुकड़ा मुंह में रखना चाहिए. वासा (अधातोडा वासिका) के पत्तों का काढ़ा या पाउडर लेना चाहिए. सोते समय हल्दी के साथ गर्म दूध और शहद के साथ गुनगुना अदरक या अदरक-तुलसी का काढ़ा लेना फायदेमंद होता है. इसके साथ ही गर्म नमक के पानी से गरारे और भाप लेना चाहिए. लौंग, अदरक और इलायची को पाउडर या काढ़े के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए.
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एसडी/एएस
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