
गुवाहाटी, 19 मई . असम विधानसभा के नवगठित सत्र के पहले सत्र से पूर्व अंतरिम व्यवस्था के तौर पर असम के मंत्री अतुल बोरा को संसदीय कार्य विभाग का प्रभार दिया गया है.
एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा की सलाह पर असम के Governor लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने बोरा को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है.
अधिकारी ने कहा कि Chief Minister की सलाह पर असम के Governor ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास, असम समझौते के कार्यान्वयन, सीमा सुरक्षा एवं विकास और उत्पाद शुल्क विभागों के मंत्री अतुल बोरा को अंतरिम व्यवस्था के तौर पर संसदीय कार्य विभाग का प्रभार भी सौंपने की अनुमति दी है.
असम गण परिषद के अध्यक्ष बोरा, सरमा के नेतृत्व वाली दूसरी कैबिनेट के प्रमुख सदस्य हैं और वर्तमान में कई महत्वपूर्ण विभागों को संभाल रहे हैं.
यह कदम Thursday से शुरू होने वाले नव निर्वाचित विधानसभा के पहले सत्र से ठीक पहले उठाया गया है.
चार दिवसीय सत्र 26 मई तक चलेगा और इसमें नव निर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण और सदन की चुनाव संबंधी औपचारिकताओं सहित महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक कार्य होने की उम्मीद है.
Political विश्लेषक इस अंतरिम व्यवस्था को महत्वपूर्ण मानते हैं, क्योंकि विधानसभा में सरकारी कामकाज के समन्वय और विधायी कार्यवाही के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने में संसदीय कार्य विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.
सरमा के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल का हाल ही में चार मंत्रियों – रामेश्वर तेली, अजंता नियोग, चरण बोरो और अतुल बोरा – को शामिल करके विस्तार किया गया था.
Chief Minister सरमा ने पहले संकेत दिया था कि विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी.
इस बीच, विधानसभा की कार्यवाही में नए सदन में विपक्ष के नेता की मान्यता पर भी ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है, जिस पर अध्यक्ष सत्र के दौरान निर्णय ले सकते हैं.
आगामी सत्र महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राज्य में नई Government के गठन के बाद पहला विधानसभा सत्र होगा.
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एमएस/
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