अदन की खाड़ी में समुद्री डाकुओं के हमले की कोश‍िश नाकाम, आईएनएस त्रिकंड की मुस्‍तैदी से बचा मालवाहक जहाज

नई द‍िल्‍ली, 2 जुलाई . भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस त्रिकंड ने अदन की खाड़ी में ‘एमवी गोल्डन आर्सेनल’ मालवाहक जहाज पर समुद्री डाकू हमले की कोशिश को नाकाम कर दिया.

अदन की खाड़ी के पास एक जुलाई को ‘एमवी गोल्डन आर्सेनल’ नाम के मालवाहक जहाज पर समुद्री डाकुओं ने हमले का प्रयास क‍िया. इस दौरान अदन की खाड़ी में तैनात भारतीय नौसेना के आईएनएस त्रिकंड ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जहाज की सुरक्षा सुन‍िश्‍च‍ित की.

यह मालवाहक जहाज सेंट विंसेंट एंड द ग्रेनाडाइंस के झंडे के तहत चल रहा था. अदन (यमन) से अपनी यात्रा के दौरान जहाज ने जिबूती से लगभग 300 समुद्री मील पूर्व-उत्तर-पूर्व में समुद्री डाकुओं की ओर से हमला करने की कोशिश की सूचना दी. यह जानकारी इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन (आईएफसी-आईओआर) के साथ साझा की गई. इसके बाद उस इलाके में पहले से तैनात आईएनएस त्रिकंड को तुरंत जहाज की मदद के लिए भेजा गया.

इस मालवाहक जहाज पर कुल 21 चालक दल के सदस्य थे, जिनमें एक भारतीय भी शामिल था. हमले में जहाज के ब्रिज (जहां से जहाज को नियंत्रित किया जाता है) और उसके पास के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा. सुरक्षा के लिए चालक दल के सभी सदस्य जहाज के सुरक्षित कमरे (सिटाडेल) में चले गए थे और सभी सुरक्षित थे.

Thursday की सुबह आईएनएस त्रिकंड की एक टीम जहाज पर पहुंची. टीम ने पूरे जहाज की तलाशी ली और स्थिति का जायजा लिया. तलाशी के दौरान जहाज पर कोई भी संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला. इसके बाद चालक दल सुरक्षित रूप से सिटाडेल से बाहर आया और भारतीय नौसेना की टीम के साथ मिलकर जहाज को हुए नुकसान का आकलन शुरू किया.

सुरक्षा को ध्‍यान में रखते हुए भारतीय नौसेना ने अपना पी-8 आई समुद्री गश्ती विमान भी इलाके में भेजा. इस विमान ने हवाई निगरानी और टोही की, जिससे पूरे क्षेत्र पर नजर रखने और समुद्री डाकुओं के खिलाफ अभियान को बेहतर तरीके से चलाने में मदद मिली.

जहाज की सुरक्षा सुन‍िश्‍च‍ित होने के बाद आईएनएस त्रिकंड ने एंटी-पायरेसी अभियान समाप्त कर दिया. इसके बाद ‘एमवी गोल्डन आर्सेनल’ ने अपनी आगे की यात्रा फिर से शुरू कर दी.

भारतीय नौसेना ने दोहराया है कि वह हिंद महासागर क्षेत्र में सभी देशों के व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. समुद्री डकैती से निPatna और समुद्र में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना उसकी लगातार प्राथमिकता है, चाहे जहाज या उसके चालक दल का संबंध किसी भी देश से हो.

एवाई/एबीएम