अभिषेक बनर्जी पर हमला भाजपा की प्रतिशोध की राजनीति का हिस्सा: दीपांकर भट्टाचार्य

New Delhi, 30 मई . सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर दौरे के दौरान हुए हमले की निंदा की है. उन्होंने इस हमले की तुलना केरल के पूर्व Chief Minister पिनाराई विजयन के आवास पर Enforcement Directorate (ईडी) के छापे से की है.

दीपांकर भट्टाचार्य ने एक बयान में कहा कि कुछ दिन पहले, ईडी ने केरल के पूर्व Chief Minister पिनाराई विजयन के आवास पर छापा मारा, और आज पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर उस समय हमला किया गया जब वे चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित एक परिवार से मिलने जा रहे थे.

उन्होंने कहा कि ये घटनाएं अलग-थलग नहीं हैं; ये विपक्ष के खिलाफ भाजपा की प्रतिशोध की राजनीति का हिस्सा हैं. चाहे केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग हो या Political हिंसा का माहौल बनाना, भाजपा विपक्ष की आवाजों को दबाने के लिए हर संभव प्रयास करने पर तुली हुई प्रतीत होती है.

उन्होंने कहा कि हम विपक्ष के खिलाफ भाजपा की प्रतिशोध की राजनीति की कड़ी निंदा करते हैं और सभी लोकतांत्रिक ताकतों से इन दुर्भावनापूर्ण हमलों का विरोध करने का आह्वान करते हैं.

इससे पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और Samajwadi Party के मुखिया अखिलेश यादव ने भी टीएमसी सांसद पर हुए हमले पर आपत्ति जताई है.

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पोस्ट में लिखा कि सोनारपुर में सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए चौंकाने वाले हमले की हम कड़ी निंदा करते हैं. वे राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने गए थे. एक प्रमुख विपक्षी नेता को जानबूझकर पर्याप्त Police सुरक्षा न देना भाजपा की बदले की राजनीति और उत्पीड़न की मानसिकता को साफ तौर पर उजागर करता है. पश्चिम बंगाल Government और केंद्र Government को सभी विपक्षी नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और ऐसे हमलों को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए. Political मतभेद किसी भी प्रकार की हिंसा को कभी भी सही नहीं ठहरा सकते.

Samajwadi Party के मुखिया अखिलेश यादव ने एक्स पोस्ट में लिखा कि बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी के ऊपर जानलेवा हमला करवाकर बंगाल की अराजक भाजपा Government ने साबित कर दिया है कि भाजपा नफरत भरी नकारात्मक हिंसक राजनीति के सिवा और कुछ नहीं कर सकती है. इतने संवेदनशील वातावरण में भी Police की व्यवस्था न होना एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करती है. घोर निंदनीय.

एमएस/