अभिषेक और कल्याण बनर्जी पर हमला ‘जनता के आक्रोश’ का नतीजा: अग्निमित्रा पॉल

कोलकाता, 31 मई . पश्चिम बंगाल Government में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने Sunday को आसनसोल स्थित रवीन्द्र भवन में आयोजित बांग्ला संस्कृति उत्सव में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने मंच से रवीन्द्र संगीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई. सांस्कृतिक आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और कला प्रेमियों ने हिस्सा लिया.

पश्चिम बंगाल Government में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर हुए हालिया हमलों को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि इन घटनाओं के पीछे भाजपा का हाथ होने के आरोप निराधार साबित हुए हैं.

अग्निमित्रा पॉल ने कहा, “अभिषेक बनर्जी ने पहले इन हमलों के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया था, लेकिन गिरफ्तारियों के बाद सामने आया है कि आरोपी लोग पूर्व टीएमसी विधायक लवली मैत्रा के करीबी और टीएमसी से जुड़े कार्यकर्ता हैं. यह जनता के बढ़ते आक्रोश का परिणाम है.”

उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी लंबे समय से ‘तोला बाजी’, सिंडिकेट और ‘कट-मनी’ की राजनीति पर चल रही है. उनके अनुसार, जनता की सेवा करने के बजाय पार्टी का ध्यान अन्य गतिविधियों पर केंद्रित रहा है, जिसके कारण पश्चिम बंगाल का विकास प्रभावित हुआ है.

मंत्री ने पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य Government लगभग हर मामले में हस्तक्षेप करती है. उन्होंने कहा, “यदि किसी जनप्रतिनिधि को लगता है कि उसने कोई गलत काम नहीं किया है और जनता के साथ धोखा नहीं किया है, तो उसे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए. न्यायपालिका पर भरोसा किया जाना चाहिए.”

अग्निमित्रा पॉल ने अभिषेक बनर्जी के स्वास्थ्य और अस्पताल में भर्ती होने को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में अंतिम निर्णय डॉक्टरों का होता है. उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि चिकित्सकों को गंभीर समस्या नहीं दिखती और सामान्य उपचार पर्याप्त है तो केवल Political कारणों से अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए.

उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य संबंधी मामलों में डॉक्टरों की राय सर्वोपरि होती है. न तो Government और न ही कोई Political दल चिकित्सकीय निर्णयों को प्रभावित कर सकता है. राजनीति को स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों से दूर रखा जाना चाहिए.”

डीकेपी