फोन टेपिंग मामले में दो बार स्थगित हुई विधानसभा

जयपुर (jaipur) . विधानसभा में फोन टेपिंग के मामले पर पिछले दिन हंगामा हुआ हंगामा यहां तक भी हुआ कि भाजपा के विधायक मदन दिलावर को सदन से निष्कासित भी किया गया था आज फिर विधानसभा शुरू होते ही शून्यकाल में फोंन टेपिंग पर बहस हुई और संसदीय कार्यमंत्री शांतिधारीवाल ने साफ इनकार किया कि किसी भी जनप्रतिनिधि की फोन टेपिंग नहीं की गई अलबत्ता उन्होने गुजरात (Gujarat) में 90 हजार फोन टेपिंग करवाने सम्बंधी सामाचार की कटिंग लहराई जिससे हंगामा और बढ़ गया जिसके चलते सदन की कार्यवाही 2 बार स्थगित करनी पडी.

मंत्री शांति धारीवाल ने जवाब के अंत में राजस्थान (Rajasthan)में किसी भी जनप्रतिनिधि की फोन टैपिंग से साफ इनकार किया. इस दौरान उन्होंने गुजरात (Gujarat) में 90 हजार फोन टैप करवाने संबंधी समाचार की कटिंग लहराई. कुछ कांग्रेस विधायकों ने भी कागज लहराए. हालांकि, दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद हंगामा शांत हुआ. धारीवाल की नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद्र कटारिया से तीखी तकरार हुई. इस पर भाजपा विधायकों ने कड़ी आपत्ति की और हंगामा करते हुए वेल में आ गए. हंगामा बढ़ता देख विधानसभा स्पीकर ने 1 बजकर 5 मिनट पर सदन की कार्यवाही को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया.

दूसरी बार भी सदन की कार्यवाही आधे घंटे स्थगित कर दी. भाजपा विधायक धरने पर बैठ गए. हालांकि, त हंगामे की शुरुआत तब हुई जब धारीवाल ने गुजरात (Gujarat) में फोन टैपिंग का आरोप लगा कागज लहराए. कागज लहराने पर कटारिया और धारीवाल में जमकर बहस हो गई. इससे पहले धारीवाल ने कहा कि इंडियन टेलीग्राफ एक्ट में केंद्र की 9 एजेंसियों और राज्यों में केवल एक एजेंसी पुलिस (Police) के पास फोन टैप करने का अधिकार है. राजस्थान (Rajasthan)में किसी भी जनप्रतिनिधि का फोन टैप नहीं किया गया. एसओजी ने जो तीन एफआआर दर्ज की थी उनमें एफआर लग चुकी है और एसीबी अब भी विधायकों के खरीद फरोख्त मामले की जांच कर रही है.

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने मुख्यमंत्री (Chief Minister) के ओएसडी की ओर से जारी आडियो टैप के आधार पर एफआईआर (First Information Report) दर्ज करवाई. उसमें गजेंद्र सिंह, विश्वेंद्र सिंह और भंवरलाल शर्मा के नाम थे. आप उस ऑडियो टैप का सोर्स बताइए. इससे साफ जाहिर है कि फोन टैप तो हुए हैं. पहले मुकदमा दर्ज करवाया, उसके बाद मुकदमे को ठंडे बस्ते में डाल दिया. हिम्मत है तो खरीद फरोख्त के मुकदमे को अंजाम तक पहुंचाइए. मुख्यमंत्री (Chief Minister) के ओएसडी के पास वह ऑडियो कहां से आया. उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने इस पूरे मामले की CBI जांच करवाने की मांग की.

धारीवाल ने कहा कि खबर थी कि कुछ लोग विस्फोटकों और अवैध हथियारों को ला रहे हैं. लॉगर सेक्शन के इंचार्ज विजय कुमार राय को फोन टैप करने की इजाजत दी गई. इसके लिए होम सेक्रेट्री से इजाजत लेकर भरत मालानी और अशोक सिंह के फोन टैप किए गए. इन दोनों के फोन टैप किए तो बात करते-करते राजनीति की सारी बातें आ गई. सरकार में कौन डिप्टी सीएम हैं जो सीएम बनेगा. बीजेपी तैयार है कि नही इन सब बातों को देखते हुए चुनी हुई सरकार को गिराने का षडयंत्र करने की लॉगर इंचार्ज ने एफआईआर (First Information Report) दर्ज करवाई इस चर्चा में धारीवाल ने कहा कि इस मामले को उठाने की मुख्य मंशा केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को बार-बार बचाने के लिए यह मुद्दा उठाया जाता है.

उन पर इतना बड़ा आरोप था कि पीएम उन्हें बर्खास्त करते. यदि वे पाक साफ हैं तो वे वॉयस टेस्ट से क्यों बच रहे हैं तीन दिन तक लगातार एसओजी के अफसर उनका वॉयस सैंपल लेने के लिए उनके घर और दफ्तर चक्कर काटते रहे. गजेंद्र सिंह पाक साफ हैं तो अब भी वॉयस सैंपल दें दे. सीएम आज भी राजनीति छोडऩे को तैयार हैं अगर आप प्रूफ कर दो कि ऑडियो टैप सीएम निवास पर बने हैं.

2021-03-18
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