
गुवाहाटी, 23 जून . असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (केएएसी) के 75वें स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों, विशेषकर कार्बी आंगलोंग के लोगों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने इस उपलब्धि को क्षेत्र के लोगों की समृद्ध विरासत, संघर्षशीलता और आकांक्षाओं का प्रतीक बताया.
Chief Minister ने social media पर शेयर किए गए अपने संदेश में कहा कि कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद ने आदिवासी समुदायों की पहचान, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने के साथ-साथ क्षेत्र में शांति और विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
उन्होंने कहा, “कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद के 75वें स्थापना दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं. यह मील का पत्थर कार्बी आंगलोंग के लोगों की समृद्ध विरासत, दृढ़ता और आकांक्षाओं को दर्शाता है. परिषद आगे भी क्षेत्र में शांति, विकास और जनसशक्तिकरण को मजबूत करती रहे.”
Chief Minister का यह संदेश ऐसे समय आया है जब परिषद अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रही है. यह संस्था असम की प्रशासनिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका गठन क्षेत्र में रहने वाले जनजातीय समुदायों के हितों, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के उद्देश्य से किया गया था.
दीफू मुख्यालय वाली कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद भारतीय संविधान की छठी अनुसूची के तहत कार्य करती है. परिषद को स्थानीय प्रशासन, भूमि प्रबंधन, संस्कृति, शिक्षा और विकास से जुड़े कई विषयों पर विधायी, कार्यकारी और वित्तीय अधिकार प्राप्त हैं.
पिछले सात दशकों में परिषद ने कार्बी समुदाय और अन्य जनजातीय समूहों की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखते हुए सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देने में अहम योगदान दिया है. परिषद ने क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आजीविका के अवसरों को बेहतर बनाने के लिए भी कई पहल की हैं.
परिषद के 75 वर्ष पूरे होने को स्वशासन और क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है. प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता और समृद्ध जनजातीय संस्कृति के लिए प्रसिद्ध कार्बी आंगलोंग में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय विकास हुआ है. राज्य Government ने यहां संपर्क व्यवस्था, पर्यटन और जनकल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया है.
इस अवसर पर Political नेताओं, परिषद के सदस्यों और स्थानीय निवासियों ने परिषद की उपलब्धियों को याद करते हुए जिले में समावेशी विकास और स्थायी शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.
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डीएससी
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