
गुवाहाटी, 11 अगस्त . केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम सिंधिया ने बताया कि इंडिया पोस्ट ने असम में शाखा डाकघरों के बीच डाक बैगों के परिवहन के लिए ड्रोन सेवा की शुरुआत कर दी है. यह असम में डाक परिवहन के लिए पहली ड्रोन उड़ान है, जिससे दूरदराज और दुर्गम इलाकों में डाक सेवाओं को तेज और अधिक विश्वसनीय बनाया जा सकेगा.
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि इंडिया पोस्ट, स्काई एयर मोबिलिटी के सहयोग से असम में 40 रूटों पर ड्रोन आधारित डाक सेवा शुरू कर रहा है. यह नेटवर्क असम और Himachal Pradesh के कुल 150 रूटों को कवर करेगा. इसके जरिए डाक के परिवहन को तेज, भरोसेमंद और ट्रैक करने योग्य बनाया जाएगा, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पहुंचना मुश्किल होता है.
उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के तकनीक आधारित जनसेवा के विजन के अनुरूप डाक विभाग नई तकनीकों को अपना रहा है, ताकि देश के हर कोने तक डाक सेवाएं पहुंचाई जा सकें. इसी तरह की पहल की शुरुआत 12 जून को Himachal Pradesh में की गई थी. डाक विभाग ने सबसे पहले मंडी प्रधान डाकघर और रिहरधार शाखा डाकघर के बीच ड्रोन आधारित डाक एवं पार्सल सेवा शुरू की थी.
डाक विभाग के अनुसार, यह योजना ज्योतिरादित्य सिंधिया की ग्रामीण डाक सेवकों और डाक कर्मचारियों के साथ हुई बातचीत के दौरान सामने आए सुझावों के आधार पर तैयार की गई. कर्मचारियों ने दुर्गम क्षेत्रों में तेज और बेहतर संपर्क व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया था. डाक विभाग ने अगले दो से तीन महीनों में Himachal Pradesh और असम के करीब 150 चिन्हित रूटों पर ड्रोन आधारित डाक सेवा शुरू करने की योजना बनाई है. मंडी-रिहरधार रूट इस परियोजना का पहला परिचालन रूट बना.
रिहरधार शाखा डाकघर, मंडी प्रधान डाकघर से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित है. पारंपरिक व्यवस्था के तहत वहां डाक पहुंचाने में दो घंटे से अधिक समय लगता था जबकि ड्रोन सेवा शुरू होने के बाद यह समय घटकर लगभग सात मिनट रह गया है.
डाक विभाग का कहना है कि ड्रोन सेवा पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में परिवहन संबंधी चुनौतियों को दूर करने के साथ-साथ रियल टाइम ट्रैकिंग की सुविधा भी प्रदान करती है. इसके अलावा यह पर्यावरण के अनुकूल परिवहन का माध्यम भी है.
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एएमटी/पीएम
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