
गुवाहाटी, 4 मई . असम विधानसभा की तिनसुकिया सीट पर भाजपा उम्मीदवार पुलोक गोहेन ने शानदार जीत दर्ज की है. उन्होंने कांग्रेस के डेविड फुकन को 48497 मतों से हराया है. उन्हें 85184 वोट प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 36687 वोट मिले.
असम के उत्तर-पूर्वी छोर पर स्थित तिनसुकिया विधानसभा सीट राज्य की Political रूप से अहम सीटों में गिनी जाती है. तिनसुकिया जिले में आने वाली यह सीट डिब्रूगढ़ Lok Sabha क्षेत्र का हिस्सा है और सामान्य श्रेणी की सीट है. ऊपरी असम के प्रमुख कारोबारी केंद्र के रूप में पहचाने जाने वाले तिनसुकिया में शहरी और ग्रामीण मतदाताओं का संतुलित मिश्रण है. चाय, तेल और कोयला उद्योगों से जुड़े होने के कारण यह क्षेत्र आर्थिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
1957 में गठन के बाद से तिनसुकिया सीट पर अब तक 16 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं. लंबे समय तक यहां कांग्रेस का दबदबा रहा और पार्टी ने कुल 11 बार जीत दर्ज की. कांग्रेस की जीत का सिलसिला पहली बार 1978 में टूटा, जब जनता पार्टी ने यहां जीत हासिल की. इसके बाद कई वर्षों तक कांग्रेस ने फिर वापसी की, लेकिन 2016 में भाजपा ने नया Political अध्याय शुरू किया.
2011 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र प्रसाद सिंह ने भाजपा के संजय किशन को 11,973 वोटों से हराकर लगातार तीसरी जीत दर्ज की थी. लेकिन 2016 में भाजपा उम्मीदवार संजय किशन ने पलटवार करते हुए सिंह को 35,069 वोटों से हराकर सीट पर पहली बार भाजपा का झंडा फहराया. 2021 में संजय किशन ने अपनी स्थिति और मजबूत की तथा असम जातीय परिषद के शमशेर सिंह को 70,797 वोटों के बड़े अंतर से हराकर लगातार दूसरी जीत हासिल की.
तिनसुकिया विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की मजबूती 2014 के Lok Sabha चुनाव से साफ दिखाई देने लगी थी. इससे पहले 2009 में कांग्रेस ने एजीपी पर 6,362 वोटों की बढ़त बनाई थी.
इसके बाद भाजपा लगातार आगे रही, 2014 में कांग्रेस पर 31,577 वोटों की बढ़त, 2019 में कांग्रेस पर 67,550 वोटों की बढ़त और 2024 में भाजपा ने फिर कांग्रेस को पीछे छोड़ा. इन नतीजों ने संकेत दिया कि कभी कांग्रेस का गढ़ मानी जाने वाली तिनसुकिया सीट अब भाजपा के प्रभाव क्षेत्र में आ चुकी है.
10 फरवरी 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, तिनसुकिया विधानसभा सीट पर कुल 1,72,351 मतदाता दर्ज हैं. यह संख्या 2024 के 1,71,603 मतदाताओं से 748 अधिक है. हालांकि, 2021 विधानसभा चुनाव और 2024 Lok Sabha चुनाव के बीच मतदाताओं की संख्या में 1,959 की गिरावट दर्ज की गई थी.
तिनसुकिया सीट पर किसी एक सामाजिक समूह का निर्णायक प्रभाव नहीं माना जाता. मुस्लिम मतदाता लगभग 6.60 प्रतिशत हैं, जबकि अनुसूचित जाति 3.25 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति 1.84 प्रतिशत है. यह सीट शहरी प्रभाव वाली सीट मानी जाती है, जहां 51.14 प्रतिशत मतदाता शहरी क्षेत्रों में और 48.86 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों में रहते हैं.
तिनसुकिया शहर का पुराना नाम बेंगमारा या चांगमाई पठार बताया जाता है. 18वीं सदी में यह मटक साम्राज्य की राजधानी रहा था, जिसे स्वर्गदेव सर्बानंद सिंहा ने विकसित किया था.
आज तिनसुकिया असम के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों में शामिल है. यहां की अर्थव्यवस्था चाय बागानों, तेल और प्राकृतिक गैस उत्पादन, कोयला खनन, चाय प्रसंस्करण और छोटे कारोबार पर आधारित है. डिगबोई रिफाइनरी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों का असर भी यहां दिखता है.
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डीएससी
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