
गुवाहाटी, 18 अगस्त . असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने Tuesday को यहां कैबिनेट की बैठक के बाद कई बड़े फैसलों की घोषणा की. इन फैसलों में उच्च शिक्षा, प्रशासनिक पुनर्गठन, मानसिक स्वास्थ्य सेवा, बाल संरक्षण और युवा कल्याण जैसे मुद्दे शामिल हैं, जो संस्थागत बुनियादी ढांचे और सामाजिक सेवाओं के विस्तार पर राज्य Government के फोकस को दर्शाते हैं.
पत्रकारों से बात करते हुए सरमा ने कहा कि प्रस्तावित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) गुवाहाटी के लिए 574 बीघा जमीन आवंटित की जाएगी. इस कदम से राज्य के उच्च शिक्षा इकोसिस्टम को मजबूती मिलने और छात्रों व शोधकर्ताओं के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
Chief Minister ने असम सचिवालय को नई पहचान देने की योजना की भी घोषणा की, जिसके तहत 32 विभाग सचिवालय परिसर से काम करेंगे. इस पुनर्गठन का मकसद सरकारी कामकाज को सुव्यवस्थित करना और कई विभागों को एक ज्यादा एकीकृत प्रशासनिक ढांचे के तहत लाना है.
एक और अहम घोषणा में, Government मानसिक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के लिए एक नया रेगुलेटरी फ्रेमवर्क (नियामक ढांचा) लाएगी. सरमा ने कहा कि 50 या उससे ज्यादा लोगों वाले काउंसलिंग सेंटरों के लिए अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा, ताकि ऐसे संस्थानों की उचित निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके.
Chief Minister ने आगे कहा कि राज्य Government विकास कार्यों में ज्यादा भागीदारी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पहल करेगी, और जहां भी जरूरी हो, कैबिनेट से मंजूरी ली जाएगी.
असम कैबिनेट ने किशोर न्याय प्रावधानों से जुड़े संशोधनों के साथ-साथ असम राज्य बाल संरक्षण विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दे दी है. प्रस्तावित बदलावों का मकसद बच्चों की सुरक्षा और कल्याण के लिए कानूनी और संस्थागत ढांचे को मजबूत करना है.
सरमा ने यह भी घोषणा की कि राज्य 17 सितंबर से युवाओं पर केंद्रित एक नया ढांचा शुरू करेगा, जिसमें युवा और कल्याण विभाग युवाओं के लिए कार्यक्रमों के समन्वय में बड़ी भूमिका निभाएगा.
ये घोषणाएं ऐसे समय में की गई हैं जब असम Government शैक्षिक बुनियादी ढांचे का विस्तार करने, प्रशासनिक दक्षता में सुधार करने और सामाजिक-क्षेत्र के संस्थानों को मजबूत करने की कोशिश कर रही है. प्रस्तावित आईआईएम गुवाहाटी कैंपस से असम के बढ़ते उच्च शिक्षा परिदृश्य में और इजाफा होने की उम्मीद है. वहीं, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल, बाल संरक्षण और युवा कल्याण में प्रस्तावित सुधारों का राज्य की सामाजिक नीति पर व्यापक असर पड़ सकता है.
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एससीएच
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