असम मंत्रिमंडल ने उच्च शिक्षा में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए नियमों में सुधारों को दी मंजूरी

गुवाहाटी, 2 जुलाई . असम Government ने राज्य में निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए बनाने नियमों को आसान बनाने और उच्च शिक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए कई सुधारों को मंजूरी दी है. Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि असम मंत्रिमंडल ने ऐसी नीतिगत बदलावों को मंजूरी दी है, जिनसे प्रतिष्ठित निजी संस्थानों के लिए उच्च शिक्षा क्षेत्र में निवेश करना आसान होगा.

Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “असम की पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए हमारा लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा तक पहुंच का विस्तार करना है और हम इस दिशा में प्रतिष्ठित निजी संस्थानों के साथ साझेदारी करने के इच्छुक हैं. असम कैबिनेट ने अब उन लोगों के लिए इस प्राथमिकता वाले सेक्टर का हिस्सा बनना आसान बना दिया है, जो इसमें दिलचस्पी रखते हैं.”

सीएम हिमंता के अनुसार, मंत्रिमंडल ने निजी विश्वविद्यालय बनाने के लिए कम से कम जमीन की जरूरत को तर्कसंगत बनाया. इसके साथ ही, जरूरी एंडोमेंट फंड की सीमा कम की है और उच्च शिक्षा में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए नियमों को आसान बनाया है.

Government का मानना ​​है कि इन सुधारों से एक मजबूत हायर एजुकेशन इकोसिस्टम बनाने, अच्छे संस्थानों तक पहुंच बेहतर करने और असम में छात्रों के लिए शिक्षा के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पॉलिसी में ये बदलाव अकादमिक मानकों को बनाए रखते हुए भरोसेमंद शिक्षण संस्थानों को आकर्षित करने के लिए किए गए हैं. नियमों में ढील से निवेशकों के लिए प्रक्रिया से जुड़ी रुकावटें कम होने और राज्य के अलग-अलग इलाकों में नए विश्वविद्यालय की स्थापना को बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद है.

यह पहल राज्य की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मानव संसाधन को मजबूत बनाना और तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुरूप सक्षम कार्यबल तैयार करना है. पिछले कुछ सालों में असम में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे का काफी विस्तार हुआ है. इस दौरान कई नए सरकारी विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग संस्थान और शैक्षणिक संस्थान स्थापित किए गए हैं. Government को उम्मीद है कि अधिक निजी भागीदारी से सरकारी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और छात्रों को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों और शोध के अधिक अवसर मिलेंगे.

शिक्षा विशेषज्ञों का लंबे समय से यह तर्क रहा है कि पारदर्शी नियमन और क्वालिटी एश्योरेंस सिस्टम के साथ निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के बाहर के संस्थानों में छात्रों के जाने को कम किया जा सकता है.

इन सुधारों से बहुविषयक शिक्षा, अनुसंधान, उद्योग के साथ सहयोग और बेहतर संस्थागत क्षमता को बढ़ावा देकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को भी समर्थन मिलने की उम्मीद है.

राज्य Government का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का विस्तार प्राथमिकता बना हुआ है, क्योंकि असम ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था बनाना चाहता है और अलग-अलग सेक्टर में अधिक निवेश आकर्षित करना चाहता है.

डीसीएच/