असम: अखिल गोगोई ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की आलोचना की

गुवाहाटी, 16 जुलाई . रायजोर दल के प्रमुख और शिवसागर विधायक अखिल गोगोई ने Thursday को केंद्र Government की प्रस्तावित ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ (ओएनओई) पहल पर तीखा हमला किया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम India के संघीय ढांचे को कमजोर करने और सत्ता के केंद्रीकरण के उद्देश्य से उठाया गया है.

पत्रकारों को संबोधित करते हुए गोगोई ने दावा किया कि यह प्रस्ताव राज्यों की स्वायत्तता को कम करके और देश की संघीय व्यवस्था को कमजोर करके संवैधानिक ढांचे में मौलिक परिवर्तन लाएगा.

उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना संविधान की भावना के विपरीत, India को एकात्मक शासन प्रणाली में बदलने का प्रयास है.

गोगोई ने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ India को संघीय लोकतंत्र से पूर्णतः एकात्मक राज्य में बदलने का प्रयास है. India राज्यों का संघ है, और किसी भी Government को इस संवैधानिक सिद्धांत को कमजोर करने का अधिकार नहीं है.

रायजोर दल के प्रमुख ने केंद्र से प्रस्ताव वापस लेने का आग्रह करते हुए कहा कि एक साथ चुनाव कराना देश के लोकतांत्रिक और संवैधानिक ढांचे के विपरीत है.

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि यह पहल तानाशाही मानसिकता को दर्शाती है और चेतावनी दी कि यदि इसे आगे बढ़ाया गया तो व्यापक जन विरोध का सामना करना पड़ेगा.

गोगोई ने दावा किया कि इस तरह से चुनावी प्रणाली का पुनर्गठन लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान द्वारा परिकल्पित संघीय संतुलन को कमजोर करेगा.

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह प्रस्ताव जनता पर थोपा गया, तो पूरे देश में एक व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन होगा, जिसमें नागरिक संविधान और India के संघीय स्वरूप की रक्षा के लिए एकजुट होंगे.

विधायक ने यह भी कहा कि यदि यह प्रस्ताव राज्यों के अधिकारों और शक्तियों से समझौता करता है, तो विपक्षी दल और नागरिक समाज समूह इसे लागू करने के किसी भी प्रयास का विरोध करेंगे.

केंद्र Government द्वारा Lok Sabha और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने के प्रस्ताव ने देश भर में तीखी Political बहस छेड़ दी है.

Government का तर्क है कि एक साथ चुनाव कराने से चुनाव संबंधी खर्च कम होगा, शासन व्यवस्था में सुधार होगा और बार-बार चुनाव होने से होने वाली व्यवधान कम होगी. वहीं, कई विपक्षी दलों ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा है कि इससे संवैधानिक, व्यवस्थागत और संघीय स्तर पर चिंताएं पैदा होती हैं.

यह मुद्दा केंद्र और विपक्ष के बीच प्रमुख Political विवादों में से एक बना हुआ है.

एमएस/