
चंडीगढ़, 24 अप्रैल . आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा समेत छह अन्य सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद Political बयानबाजी तेज हो गई है. भाजपा नेताओं ने इस घटनाक्रम को पार्टी की नीतियों और नेतृत्व पर उठ रहे सवालों का परिणाम बताया है.
चंडीगढ़ में भाजपा पंजाब के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने से बात करते हुए कहा, “यह सिर्फ एक-दो नेताओं का मामला नहीं है, बल्कि जब पार्टी के दो-तिहाई राज्यसभा सांसद ही पार्टी छोड़ दें, तो यह नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े करता है. स्वाति मालीवाल के अपमान से जो विवाद शुरू हुआ था, वह अब एक बड़े मुद्दे का रूप ले चुका है. कोई भी स्वाभिमानी व्यक्ति अपनी गरिमा के साथ समझौता नहीं करता और सम्मान के लिए हर कदम उठाने को तैयार रहता है.”
अश्विनी शर्मा ने कहा, “भाजपा उन सभी लोगों का स्वागत करती है जो पंजाब में बदलाव चाहते हैं. जो लोग राज्य में कथित गुंडाराज को खत्म करना चाहते हैं. पंजाब को नशामुक्त और कर्जमुक्त बनाना चाहते हैं और किसानों के लिए समृद्धि लाना चाहते हैं. उनके लिए भाजपा एक मजबूत विकल्प है.” उन्होंने Haryana मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि उसी तर्ज पर पंजाब में भी विकास लाया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि भाजपा किसी एक परिवार या व्यक्ति विशेष की पार्टी नहीं है, बल्कि यह एक विचारधारा पर आधारित संगठन है. इसलिए जो भी लोग पंजाब के विकास और ‘पंजाबियत’ की भावना को मजबूत करना चाहते हैं, उनका पार्टी में स्वागत है.
वहीं, चेन्नई में भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने दावा करते हुए कहा, “आने वाले समय में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस समेत अन्य दलों से और नेता बाहर आएंगे, क्योंकि अब उन्हें यह समझ आ गया है कि भाजपा ही देश के विकास और जनकल्याण के लिए काम करने वाली प्रमुख पार्टी है.”
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एससीएच/
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