अश्विन ने बायो-बबल के कठिन हालातों को बताया

अहमदाबाद (Ahmedabad) . भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि जैव सुरक्षा घेरे (बायो-बबल) में जीवन काफी कठिन होता है. अश्विन के अनुसार इसमें जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है. इस दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे को याद करते हुए कहा कि वहां कभी कभार भारतीय टीम को ऐसे होटल (Hotel) के कमरों में भी रहना पड़ा था जिसमें ताजा हवा तक नहीं आती थी. भारतीय टीम के खिलाड़ी पिछले साल अगस्त से ही बायो-बबल में रह रहे हैं, गत वर्ष संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हुए आईपीएल (Indian Premier League) में भी टीम को बायो बबल में रहना पड़ा था. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया दौरा हुआ और उसके बाद इंग्लैंड के साथ सीरीज शुरु हो गयी.

अश्विन ने कहा, ‘हमें ऑस्ट्रेलिया में जहां रखा गया, हमें उन हालात से निपटना (Patna) था. कभी कभार होटल (Hotel) के बंद कमरे में काफी घुटन होती, उसमें आपको ताजा हवा तक नहीं मिलती थी.’ उन्होंने कहा, ‘आस्ट्रेलिया में, ऐसे भी हालात थे जब होटल (Hotel) की खिड़कियों में खुलने के लिए जगह भी नहीं थी. 14 दिन या 20 दिन या 25 दिन खिड़की बिना खुले हुए कमरे में बंद रहना काफी कठिन होता है.

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