
jaipur, 18 अगस्त . Rajasthan के पूर्व Chief Minister अशोक गहलोत ने Tuesday को राज्य Government के उस आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग की, जिसमें सरकारी स्कूलों में बिना पूर्व अनुमति के फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और अन्य मीडिया गतिविधियों पर रोक लगाई गई है.
राज्य Government के इस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने सवाल उठाया कि जब शिक्षा देशभर में एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बनी हुई है, तब ऐसे प्रतिबंध लगाने की क्या जरूरत है.
उन्होंने यह भी पूछा कि यह फैसला किस स्तर पर लिया गया और क्या इस बारे में Chief Minister भजनलाल शर्मा से चर्चा की गई थी या फिर राज्य मंत्रिमंडल ने सामूहिक रूप से इसे मंजूरी दी थी.
गहलोत ने कहा, “क्या मंत्रियों ने Chief Minister से सलाह ली थी? क्या पूरी कैबिनेट ने इस आदेश पर विचार किया था? क्या यह कैबिनेट का सामूहिक फैसला था? हम यह जानना चाहते हैं.”
सरकारी स्कूलों में मीडिया के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर चिंता जताते हुए गहलोत ने कहा कि इससे पारदर्शिता और स्कूलों के कामकाज पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. उन्होंने कहा, “आपने मीडिया के प्रवेश पर रोक लगा दी है. बिना अनुमति कोई और भी अंदर नहीं जा सकता. स्कूलों में कई तरह की जरूरतें और गतिविधियां होती हैं, लेकिन आप कह रहे हैं कि बिना अनुमति कोई अंदर नहीं जाएगा.”
गहलोत ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में व्यापक बदलाव की जरूरत है. उन्होंने ऐसी सुधार प्रक्रियाओं की मांग की जो पेपर लीक जैसी समस्याओं को रोक सके और शिक्षा व्यवस्था में नया दृष्टिकोण लेकर आएं.
उन्होंने कहा, “शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधारों की जरूरत है. ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जो पेपर लीक को रोके और दुनिया को यह संदेश दे कि India शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है.”
पूर्व Chief Minister ने कहा कि आम लोगों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं. उन्होंने कहा, “सामान्य नागरिक अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं और अपने बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा चाहता है.”
गहलोत ने शिक्षा विभाग के कामकाज को लेकर भी राज्य Government की आलोचना की और कहा कि इस आदेश ने विभाग की विश्वसनीयता को और कमजोर किया है.
अशोक गहलोत ने राज्य Government से मांग की कि इस आदेश को तत्काल वापस लिया जाए. उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था को प्रतिबंध लगाकर नहीं, बल्कि अधिक पारदर्शिता और सुधारों के जरिए मजबूत बनाया जाना चाहिए. यह आदेश वापस लिया जाना चाहिए.
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एएमटी/
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