
jaipur, 3 जून . नाबालिग से यौन उत्पीड़न के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को एक बार फिर जोधपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उसे इलाज के लिए सेंट्रल जेल से कड़ी Police सुरक्षा के बीच आरोग्यम अस्पताल लाया गया है और उसे निगरानी में रखा गया है.
अस्पताल के अधिकारियों ने से बातचीत में कहा कि आसाराम को Tuesday रात स्पताल में लाया गया था. उसके स्थानांतरण के दौरान Police का एक बड़ा दस्ता तैनात रहा और उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एम्बुलेंस से अस्पताल लाया गया.
जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करने के बाद आसाराम ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए Rajasthan हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी. याचिका में उसने आरोग्यम अस्पताल में इलाज कराने की अनुमति मांगी थी.
यह मामला Rajasthan हाईकोर्ट की अवकाशकालीन पीठ के सामने सुनवाई के लिए आया.
रिपोर्ट्स के अनुसार, अपने मामले में Rajasthan हाईकोर्ट के फैसले के बाद आसाराम 28 मई को जोधपुर पहुंचा था. उसके पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक जोधपुर एयरपोर्ट पर एकत्र हो गए. एयरपोर्ट से वह सीधे पाल गांव स्थित अपने आश्रम गया, जिसके बाद उसकी मेडिकल जांच एम्स जोधपुर में कराई गई. इसके बाद उसने जोधपुर सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पण कर दिया.
इससे पहले Rajasthan हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच (जिसमें जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित शामिल थे) ने आसाराम को निचली अदालत द्वारा दी गई आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा था. अदालत ने स्पष्ट किया था कि आसाराम को अपने शेष जीवन तक जेल में रहना होगा.
अपनी टिप्पणी में अदालत ने कहा कि सजा भले ही जेल की चारदीवारी तक सीमित हो, लेकिन पीड़िता को पहुंचा मानसिक आघात और जीवनभर का दर्द किसी सीमा में नहीं बंध सकता.
इस आदेश के बाद अदालत ने आसाराम की अंतरिम जमानत रद्द कर दी और उसकी तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए. इसके बाद आसाराम ने जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.
अगस्त 2013 में जोधपुर के आश्रम में एक झोपड़ी के भीतर एक नाबालिग छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था. अप्रैल 2018 में निचली अदालत ने आसाराम को दोषी ठहराया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.
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एसएचके/
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