
हैदराबाद, 10 जून . एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर लोगों से सतर्क रहने और इसे गंभीरता से देखने की अपील की. उन्होंने कहा कि मतदाताओं को अपने नाम वोटर सूची में सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज और विवरण सही तरीके से जमा करने चाहिए.
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जिन लोगों का नाम पहले से मतदाता सूची में है, उनका नाम नई सूची में भी दिखाई देना चाहिए. इस प्रक्रिया को नजरअंदाज नहीं चाहिए. उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां लगभग 27 लाख नाम मतदाता सूची में नहीं दिखे थे. ऐसे लोगों को बाद में अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कहा जा सकता है, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
एआईएमआईएम प्रमुख ने निर्वाचन आयोग द्वारा तय किए गए कुछ मानकों और कथित ‘अनॉमली’ (विसंगति) के मुद्दे पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों की संख्या या उम्र के अंतर को लेकर यदि कोई विसंगति दिखाई देती है, तो उसे उसी रूप में दर्ज किया जाना चाहिए, न कि गलत तरीके से जानकारी भर दी जाए.
असदुद्दीन ओवैसी ने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके छह बच्चे हैं और कुछ लोगों को यह कहा जा रहा है कि पांच से अधिक बच्चों का नाम दर्ज नहीं किया जा सकता. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति के छह बच्चे हैं तो यह कोई समस्या नहीं होनी चाहिए और इसका उसके मतदान अधिकार से कोई संबंध नहीं है.
उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 की मतदाता सूची मैन्युअल रूप से तैयार की गई थी, इसलिए उसमें कई तरह की तकनीकी विसंगतियां हो सकती हैं. उन्होंने Prime Minister Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ के परिवारों का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़े परिवार होना कोई असामान्य बात नहीं है और इसे मतदान अधिकारों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए.
असदुद्दीन ओवैसी ने लोगों से अपील की कि वे फॉर्म भरते समय पूरी सावधानी बरतें और यह सुनिश्चित करें कि उनका नाम मतदाता सूची में बना रहे.
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डीएससी
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