आर्यन की जमानत फिर अगली तारीख के लिए टली, सेंशस कोर्ट आज सुनाएगा फैसला

मुंबई (Mumbai) . शाहरुख खान के बेटे आर्यन की जमानत फिर अगली तारीख के लिए टल गई है. बुधवार (Wednesday) 13 अक्टूबर को सेशंस कोर्ट में हुई सुनवाई में आर्यन को जमानत नहीं मिली. इसके बाद आर्यन को एक रात और जेल में ही बितानी पड़ेगी.कोर्ट में आर्यन के वकील और एनसीबी के बीच लंबी बहस के बाद आर्यन की जमानत पर अपना फैसला अगले दिन के लिए सुरक्ष‍ित कर लिया है.

जमानत की सुनवाई सेशंस कोर्ट में लगभग तीन बजे शुरु हुई थी.इसके बाद आर्यन की जमानत पर एनसीबी और आर्यन के वकील ने दलीलें पेश की.मामले की सुनवाई शाम लगभग पौने छह बजे तक चली.मालूम हो कि जिस जेल में आर्यन खान बंद हैं, यान‍ी आर्थर रोड जेल शाम साढ़े पांच बजे बंद हो जाती है.जेल के बंद होने पर आर्यन खान की जमानत जाह‍िर है नहीं हो पाएगी.इसके बाद आर्यन की जमानत पर अदालत 14 अक्टूबर को अपना फैसला सुनाएगी.
एनसीबी ने आर्यन की जमानत पर जवाब दाख‍िल करने के बाद रिमांड में कहा कि इस केस में एक आरोपी की भूमिका को दूसरे के जर‍िए से नहीं समझा जा सकता है.भले ही आर्यन के पास ड्रग्स ना मिला हो लेकिन वे पेडलर के संपर्क में थे. ये बड़ी साजिश है, इसकी जांच जरूरी है.आर्यन पर कॉन्ट्राबैंड खरीदने का आरोप लगा था और यह कॉन्ट्राबैंड अरबाज मर्चेंट के पास से बरामद किया गया था.विदेशों में ड्रग्स की लेनदेन को लेकर एनसीबी की जांच जारी है.
वहीं आर्यन के वकील ने कोर्ट में अपनी बात रखकर साफ कहा कि आर्यन के पास किसी तरह का ड्रग्स नहीं मिला है.उनके पास से कैश भी बरामद नहीं हुआ है.आर्यन, मुनमुन धमेचा को भी नहीं जानते हैं.एनसीबी ने तीनों को क्रूज से अरेस्ट करते हुए एक साथ पेश किया है, लेकिन आर्यन खान का मुनमुन से कोई कनेक्शन नहीं है.
ड्रग्स केस में फंसे आर्यन इस वक्त आर्थर रोड जेल में हैं.उनकी जमानत पर उनके वकील पिछले काफी दिनों से मशक्कत कर रहे हैं, पर हर बार नारकोट‍िक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) कुछ ना कुछ पेंच फंसा देती है.11 अक्टूबर को भी सेशंस कोर्ट में आर्यन की जमानत टल गई थी.

वहीं आर्यन खान का केस अब तक सतीश मानश‍िंदे लड़ रहे थे,लेक‍िन अब शाहरुख खान ने सीन‍ियर एडवोकेट अमित देसाई को केस के लिए हायर कर लिया है.अमित देसाई 11 अक्टूबर को भी सतीश मानश‍िंदे के साथ सेशन कोर्ट में दिखाई दिए थे.वे आर्यन की जमानत के लिए पहुंचे हुए थे.

सुनवाई के दौरान सीनियर वकील अमित देसाई ने आर्यन की तरफ से कहा, ये जवान बच्चे हैं. कई देशों में ये सब्सटेंस लीगल हैं.उनके लिए ये सिचुएशन और खराब नहीं बनानी चाहिए.उन लोगों ने काफी झेल लिया है,उन्हें सबक मिल गया.वे पेडलर्स, रैकेट चलाने वाले या ट्रैफिकर्स नहीं हैं. उन्होंने दलील में कहा, आर्यन का बयान सिर्फ एक बार लिया गया है और जिसका नाम उन्होंने लिया उसकी भी गिरफ्तारी हो चुकी है. मजिस्ट्रेट ने बेल सिर्फ इसलिए रिजेक्ट की थी क्योंकि उनके पास उस अर्जी की सुनवाई और फैसला देने का अधिकार नहीं था. क्योंकि उसमें एक सह-आरोपी पर इसतरह के अपराध लगे थे, जिनमें 3 साल से ज्यादा की सजा हो सकती है. एनसीबी के केस का मुख्य बिंदु ये हैं कि सभी आरोपी एक-दूसरे से इस साजिश से जुड़े हैं,आर्यन अरबाज से चरस खरीदते थे. एनसीबी ने इंटरनेशनल ड्रग चेन का आरोप भी लगाया है. एनसीबी के जवाब में साफ लिखा है, दूसरे आरोपियों से कनेक्शन. एनसीबी ने बहुत डरावना टर्म यूज किया है- ‘अवैध खरीद-फरोख्त’ और इस आर्यन खान पर थोप दिया.

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