
New Delhi, 23 जुलाई . नीट पेपर लीक मामलों में केंद्र Government द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने की घोषणा के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने Government पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि Government का यह फैसला छात्रों की मूल मांग से पूरी तरह अलग है और इसे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाने की कोशिश बताया.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देशभर के छात्र लगातार पेपर लीक की घटनाओं और जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. उनका आरोप है कि Prime Minister ने इस मुद्दे पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कोई जवाब नहीं दिया, बल्कि फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा कर मामले की लीपापोती करने का प्रयास किया है.
उन्होंने कहा कि देश में पहले से ही दुष्कर्म, पॉक्सो और अन्य गंभीर मामलों के लिए कई फास्ट ट्रैक कोर्ट संचालित हैं, लेकिन अनेक अदालतों में समय पर सुनवाई नहीं हो पाती. कई मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट में भी सामान्य अदालतों से अधिक समय लग जाता है. ऐसे में केवल नई अदालतों की घोषणा करने से समस्या का समाधान नहीं होगा.
अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाया कि छात्रों की सबसे बड़ी चिंता भविष्य में पेपर लीक रोकने की है, लेकिन Government ने ऐसी किसी व्यवस्था या सुधार का ऐलान नहीं किया जिससे युवाओं का भरोसा बहाल हो सके.
उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा प्रणाली में कोई ठोस बदलाव नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में भी पेपर लीक की घटनाएं दोहराई जाएंगी और लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगता रहेगा.
उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन का भी उल्लेख करते हुए दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ बर्बरता हुई. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि लाठीचार्ज, आंसू गैस और बल प्रयोग के कारण कई छात्र घायल हुए तथा उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.
केजरीवाल ने कहा कि वह स्वयं जंतर-मंतर जाकर छात्रों से मिले थे और उनकी स्थिति देखी थी. उन्होंने कहा कि दुनिया में किसी भी घटना पर Prime Minister प्रतिक्रिया देते हैं, लेकिन छात्रों के साथ हुई कथित हिंसा पर उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा.
उन्होंने सवाल किया कि क्या इन छात्रों के दर्द और भविष्य की चिंता Government के लिए मायने नहीं रखती. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने यह भी कहा कि Government की ओर से ऐसा कोई रोडमैप पेश नहीं किया गया जिससे यह भरोसा पैदा हो कि भविष्य में नीट या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक नहीं होंगे.
केजरीवाल ने कहा कि केवल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा पर्याप्त नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है.
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पीकेटी/डीकेपी
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