
ईटानगर, 7 अगस्त . अरुणाचल प्रदेश के Chief Minister पेमा खांडू ने Friday को राज्य की बुनाई की समृद्ध परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि 32,000 से ज्यादा हैंडलूम बुनकर इस सेक्टर से जुड़े हैं. यह ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका का एक बड़ा जरिया बना हुआ है.
यहां डीके कन्वेंशन सेंटर में 12वें राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस के तीन दिवसीय समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Chief Minister ने अरुणाचल प्रदेश की समृद्ध हैंडलूम परंपरा को एक मजबूत आर्थिक सेक्टर में बदलने के लिए राज्य Government की प्रतिबद्धता को दोहराया.
उन्होंने घोषणा की कि Government राज्य की अनोखी आदिवासी विरासत को बचाते हुए पारंपरिक बुनाई को आधुनिक डिजाइन, उद्यमिता और ग्लोबल मार्केट तक पहुंच से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है.
Chief Minister ने हैंडलूम को सिर्फ आजीविका का साधन नहीं, बल्कि अरुणाचल प्रदेश की मूल जनजातियों की सांस्कृतिक पहचान और जीवित विरासत बताया.
उन्होंने कहा कि अरुणाचल का हर बुना हुआ कपड़ा हमारे लोगों, हमारी परंपराओं और हमारी पहचान की कहानी कहता है. हमारे हथकरघा (हैंडलूम) सेक्टर में ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण और टिकाऊ आर्थिक विकास का मुख्य आधार बनने की क्षमता है.
उन्होंने कहा कि राज्य Government बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट, डिजाइन इनोवेशन, मार्केटिंग सपोर्ट और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देकर हथकरघा इकोसिस्टम को लगातार मजबूत कर रही है.
Chief Minister ने कहा कि Government ने कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) बनाए हैं, बुनाई के इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया है, और पारंपरिक डिजाइनों की असलियत बनाए रखते हुए प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए हैं.
उन्होंने आगे बताया कि बुनकरों को समकालीन डिजाइन तकनीकों, प्राकृतिक रंगाई, गुणवत्ता में सुधार और प्रोडक्ट में विविधता लाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में मुकाबला कर सकें.
खांडू ने बताया कि राज्य और केंद्र Government की विभिन्न योजनाएं अरुणाचल प्रदेश भर के बुनकरों और कारीगर समूहों को आर्थिक सहायता, कच्चा माल, आधुनिक करघे और मार्केटिंग सपोर्ट दे रही हैं.
उन्होंने युवा उद्यमियों से आग्रह किया कि वे पारंपरिक कारीगरी को आधुनिक ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ जोड़कर हथकरघा और हस्तशिल्प सेक्टर में मौजूद बड़े अवसरों का लाभ उठाएं.
अरुणाचल की टेक्सटाइल परंपराओं को बनाए रखने में महिलाओं की भूमिका पर जोर देते हुए Chief Minister ने कहा कि हथकरघा हमेशा से महिलाओं के सशक्तिकरण का जरिया रहा है, और पीढ़ियों से महिलाएं अपनी बुनाई कला के जरिए राज्य की अनोखी सांस्कृतिक पहचान को बनाए हुए हैं.
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एमएस/
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