जनता की सहमति से जलविद्युत परियोजनाओं पर आगे बढ़ रहा अरुणाचल: हिमंत बिस्वा सरमा

गुवाहाटी, 15 जुलाई . असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने Wednesday को कहा कि यदि जनता के सहयोग और सहमति के साथ अरुणाचल प्रदेश की जलविद्युत परियोजनाएं तय समय पर पूरी हो जाती हैं, तो अगले 10 वर्षों में यह राज्य पूर्वोत्तर का सबसे समृद्ध राज्य बन सकता है. उन्होंने कहा कि विकास के लिए Political इच्छाशक्ति के साथ-साथ लोगों का समर्थन भी बेहद जरूरी है.

असम विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विकास और बुनियादी ढांचे पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए सरमा ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश ने करीब 30,000 मेगावाट बिजली उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है और इन परियोजनाओं के खिलाफ कोई बड़ा जनविरोध देखने को नहीं मिला है.

उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 3,000 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, जबकि करीब 10,000 मेगावाट की परियोजनाओं का निर्माण शुरू हो चुका है. Government का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 30,000 मेगावाट तक पहुंचाना है.

सरमा ने कहा, “अगर अगले 10 वर्षों में ये जलविद्युत परियोजनाएं पूरी हो जाती हैं, तो अरुणाचल प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) असम से लगभग दोगुना हो जाएगा.”

उन्होंने असम और अरुणाचल प्रदेश की तुलना करते हुए कहा कि असम में छोटे-छोटे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी विरोध और आपत्तियों के कारण पूरा होने में वर्षों लग जाते हैं.

Chief Minister ने कहा, “हमारे यहां एक छोटा फ्लाईओवर बनाने में भी कई साल लग जाते हैं, जबकि अरुणाचल प्रदेश में लोग बड़े जलविद्युत परियोजनाओं के लिए Government का सहयोग कर रहे हैं.”

उन्होंने बताया कि अरुणाचल प्रदेश के कई गांवों के लोगों ने परियोजनाओं के लिए पुनर्वास स्वीकार किया है और राज्य के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए स्वेच्छा से स्थानांतरण के लिए सहमति दी है.

सरमा के अनुसार, कठिन लेकिन विकासोन्मुख फैसलों को स्वीकार करने की जनता की इच्छा ने अरुणाचल प्रदेश को पूर्वोत्तर के सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में शामिल कर दिया है.

उन्होंने कहा कि राज्य अब बुनियादी ढांचा विकास और ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रहा है और इससे उसकी अर्थव्यवस्था को बड़ा बल मिलेगा.

Chief Minister ने कहा कि निवेश आकर्षित करने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए Government और जनता के बीच सहयोग तथा विकास-केंद्रित नीतियां सबसे महत्वपूर्ण हैं.

डीएससी