हंगामे और विरोध के बीच लोकसभा से पारित हुआ विनियोग विधेयक

New Delhi, 4 अगस्त . संसद के मानसून सत्र के दौरान लगातार जारी हंगामे और विपक्ष के विरोध के बीच Lok Sabha ने Tuesday को विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया. यह विधेयक 31 मार्च 2023 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान हुए अतिरिक्त सरकारी खर्च को India की संचित निधि (कंसोलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया) से अधिकृत करने से संबंधित है.

सदन में विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक भी विचार के लिए पेश किया. इस विधेयक के तहत पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007, आयकर अधिनियम, 2025 और वित्त अधिनियम, 2026 में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है.

Tuesday को Lok Sabha और राज्यसभा, दोनों सदनों की कार्यवाही विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों के कारण कई बार बाधित हुई. विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया. इनमें राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी, 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर Police कार्रवाई और कावेरी जल विवाद जैसे मुद्दे प्रमुख रहे.

लगातार हंगामे और गतिरोध के कारण Lok Sabha की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः पूरे दिन के लिए सदन की कार्यवाही समाप्त कर दी गई. अब Lok Sabha की बैठक Wednesday सुबह 11 बजे फिर से शुरू होगी.

इससे एक दिन पहले Monday को भी Lok Sabha ने विपक्ष के विरोध के बीच बिना चर्चा के Supreme Court में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या बढ़ाने से संबंधित विधेयक को पारित कर दिया था.

इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही को बार-बार बाधित करने का आरोप लगाया है. पार्टी का कहना है कि विपक्ष जानबूझकर सदन की कार्यवाही में रुकावट पैदा कर रहा है, जिससे महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रभावित हो रहे हैं.

भाजपा ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल संसद में जरूरी मुद्दों पर चर्चा नहीं होने दे रहे हैं और इससे चुने हुए जनप्रतिनिधियों को जनता से जुड़े विषय उठाने का अवसर नहीं मिल पा रहा है.

गौरतलब है कि मानसून सत्र के दौरान नीट पेपर लीक विवाद और 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ Police की कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र Government पर निशाना साध रहा है.

विपक्षी दल इन मुद्दों पर केंद्रीय गृह मंत्री से जवाब की मांग कर रहे हैं और प्रदर्शनकारियों पर कथित “फायरिंग” के मामले को भी संसद में उठाते रहे हैं.

संसद के दोनों सदनों में जारी गतिरोध के चलते महत्वपूर्ण विधेयकों और जनहित के मुद्दों पर चर्चा प्रभावित हो रही है, जबकि Government और विपक्ष के बीच टकराव फिलहाल खत्म होता नजर नहीं आ रहा है.

डीबीपी