गर्मी से सतर्क रहने की अपील, पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा- ‘पानी पीते रहें और सावधानी बरतें’

New Delhi, 31 मई . India के विभिन्न हिस्सों में तापमान में भारी बढ़ोतरी को देखते हुए Prime Minister Narendra Modi ने देशवासियों से आग्रह किया है कि वे यथासंभव अधिक से अधिक सावधानियां बरतें.

Prime Minister मोदी ने Sunday को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 134वें एपिसोड में कहा, “इस समय देश के ज्यादातर हिस्सों में बहुत गर्मी पड़ रही है. तेज धूप और गर्म हवाएं, ऐसे मौसम में अपना ध्यान रखना बहुत जरूरी है. पानी पीते रहिए. धूप में अगर निकलना ही पड़े तो थोड़ा संभल कर निकलें. इस दिशा में Government के अलग-अलग विभागों ने जो गाइडलाइन जारी की हैं, वो भी भूलिएगा नहीं.”

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि हमारे यहां गर्मी से लड़ने का तरीका कई बार रसोई में भी मिलता है. आपने भी देखा होगा कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, वैसे-वैसे घर की रसोई का स्वाद बदल जाता है, रसोई का प्रकार बदल जाता है. कहीं मटके का पानी निकल आता है, कहीं दही जमने लगता है, तो कहीं कच्चे आम उबलने लगते हैं और फिर देसी पेय का दौर शुरू होता है.

उन्होंने कहा, “India के पारंपरिक ग्रीष्मकालीन पेय देश के विभिन्न क्षेत्रों की रीति-रिवाजों और संस्कृतियों में गहराई से रचे-बसे हैं. हर पेय एक अनूठी कहानी कहता है, जो मिलकर India की जीवंत विविधता को प्रदर्शित करते हैं और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सुदृढ़ करते हैं.”

Prime Minister मोदी ने कुछ राज्यों के उदाहरण देते हुए कहा, “देसी पेय से आप भी परिचित हैं. अगर आप उत्तर India में जाएंगे तो काफी जगह आपको मिलेगा आम पन्ना, कच्चे आम का स्वाद और गर्मी से राहत भी. पंजाब-Haryana जाइए तो बड़े गिलास वाली लस्सी मिल जाएगी. Rajasthan और Gujarat में छाछ, जैसे हर खाने की साथी बन जाती है. बिहार, Jharkhand और पूर्वी उत्तर प्रदेश में सत्तू के शरबत की बात है, जिससे पेट भी भरता है और ताकत भी मिलती है.”

इस दौरान पीएम मोदी ने कोंकण और गोवा के कोकम शरबत, दक्षिण India के पानकम, सम्बारम और Odisha के बेल पना का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ये सिर्फ पेय नहीं, बल्कि India के अलग-अलग क्षेत्रों की परंपरा का हिस्सा है. देशवासियों के नाम अपने संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि आप भी गर्मी के दौरान देसी पेजयलों का खूब आनंद लीजिए.

डीसीएच/