
नोएडा, 30 मई . नोएडा के थाना साइबर क्राइम Police ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1.29 करोड़ रुपए की साइबर ठगी से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है. Police ने साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.
Police के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मजदूरों और अन्य लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर अपराधियों को किराये पर उपलब्ध कराता था, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को ट्रांसफर करने में किया जाता था. Police के अनुसार साइबर अपराधियों ने पीड़ित व्यक्ति को फोन कर स्वयं को ट्राई का अधिकारी बताया था. इसके बाद ठगों ने दावा किया कि पीड़ित के मोबाइल नंबर से अश्लील वीडियो भेजे गए हैं और इस मामले की जांच Mumbai क्राइम ब्रांच तथा सीबीआई द्वारा की जा रही है.
आरोपियों ने कार्रवाई का भय दिखाकर पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट में रखा और जांच के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 29 लाख 61 हजार 962 रुपए ट्रांसफर करा लिए. पीड़ित की शिकायत पर थाना साइबर क्राइम में मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट की धारा 66डी के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था.
इस प्रकरण में Police पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. साइबर क्राइम Police ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण और तकनीकी जांच के आधार पर 29 मई को पश्चिमी दिल्ली के निहाल विहार थाना क्षेत्र निवासी 21 वर्षीय आकाश पुत्र नरेश को गिरफ्तार किया.
जांच में सामने आया कि आरोपी साइबर अपराधियों को प्रत्येक बैंक खाता उपलब्ध कराने के लिए 50 हजार रुपए लेता था. अब तक वह करीब 12 बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध करा चुका है. Police के अनुसार आरोपी के स्वयं के बैंक खाते के खिलाफ भी राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से शिकायतें दर्ज हैं. इनमें कर्नाटक से चार, Maharashtra से तीन, तेलंगाना से एक, केरल से दो, Haryana से एक और Gujarat से एक शिकायत शामिल है. आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल भी बरामद किए गए हैं.
Police अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधियों के नेटवर्क में बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले लोगों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है. ऐसे खातों के माध्यम से ठगी की रकम को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजकर जांच एजेंसियों को गुमराह करने का प्रयास किया जाता है. Police अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है.
साइबर क्राइम Police ने आम जनता से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट जैसी किसी भी बात पर विश्वास न करें. कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर सकती. यदि कोई व्यक्ति Police, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य एजेंसी का अधिकारी बनकर डराने-धमकाने का प्रयास करे तो तुरंत इसकी सूचना Police को दें.
–
पीकेटी/
Skip to content