‘Vedanta Unlimited’ विजन के साथ अनिल अग्रवाल ने दिखाई विकास की नई राह, 3Ps पर रहेगा भविष्य का फोकस

Produce More, Partner Better और Purpose Beyond Profit के मंत्र के साथ वेदांता ने रखा दीर्घकालिक विकास का रोडमैप

पांचों डिमर्ज्ड कंपनियों में 100 बिलियन डॉलर की कंपनी बनने की क्षमता: अनिल अग्रवाल

मुंबई । वेदांता समूह के चेयरमैन Anil Agarwal ने वेदांता लिमिटेड की 61वीं Annual General Meeting (AGM) में ‘Vedanta Unlimited’ का महत्वाकांक्षी विज़न प्रस्तुत किया। एजीएम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी का भविष्य तीन ‘P’— Produce More (अधिक उत्पादन), Partner Better (बेहतर साझेदारी) और Purpose Beyond Profit (लाभ से परे उद्देश्य) — पर आधारित होगा।

वेदांता के ऐतिहासिक Demerger का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समूह की पांचों स्वतंत्र कंपनियां— Vedanta Limited, Vedanta Aluminium Metal Limited (VAML), Vedanta Oil & Gas Limited (VOGL), Vedanta Iron & Steel Limited (VISL) और Vedanta Power Limited (VEDPOWER) — में से प्रत्येक के पास 100 बिलियन डॉलर की कंपनी बनने की क्षमता है।

शेयरधारकों को संबोधित करते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा, “एक साल पहले आप एकीकृत कंपनी के शेयरधारक थे, लेकिन आज आपके पास पांच अलग-अलग अवसर हैं। दुनिया में बहुत कम ऐसे कॉर्पोरेट बदलाव हुए हैं जिन्होंने शेयरधारकों के लिए इतना बड़ा अवसर तैयार किया हो। हमारा मानना है कि यह तो केवल शुरुआत है।”

वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 को कंपनी के इतिहास का महत्वपूर्ण वर्ष बताते हुए उन्होंने कहा कि वेदांता ने ₹1,74,075 करोड़ का अब तक का सर्वाधिक Revenue और ₹25,096 करोड़ का सर्वाधिक Profit दर्ज किया है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹55,976 करोड़ का रिकॉर्ड EBITDA हासिल किया। वहीं Net Debt/EBITDA Ratio 0.95x रहा, जो पिछले 14 तिमाहियों में सबसे बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है।

Produce More: उत्पादन बढ़ाने पर रहेगा जोर

अनिल अग्रवाल ने कहा कि कंपनी की विकास रणनीति का पहला स्तंभ ‘Produce More’ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2031 तक Zinc और Lead का उत्पादन लगभग तीन गुना बढ़ाकर 30 लाख टन करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा Silver उत्पादन को दोगुना कर 1,500 टन तक पहुंचाने की योजना है।

उन्होंने कहा कि इस दशक के अंत तक Copper उत्पादन 10 लाख टन, वित्त वर्ष 2027-28 तक Ferrochrome क्षमता 5 लाख टन तथा Nickel उत्पादन 60,000 टन तक बढ़ाने का लक्ष्य है। साथ ही Lithium, Cobalt, Gold, Copper, Nickel, Manganese, Rare Earth और Potash सहित 10 महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक Mineral Blocks में Exploration को तेज किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि Vedanta Aluminium अगले तीन वर्षों में अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 60 लाख टन प्रतिवर्ष करेगी और दुनिया में सबसे कम लागत वाले उत्पादकों में शामिल होने का लक्ष्य रखेगी।

Vedanta Oil & Gas प्रतिदिन 5 लाख बैरल उत्पादन का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसके लिए अगले 3 से 5 वर्षों में 5 बिलियन डॉलर का निवेश किया जाएगा।

वहीं Vedanta Iron & Steel अपनी क्षमता 40 लाख टन से बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन प्रतिवर्ष करेगी, जिसमें Green Steel और Specialty Steel पर विशेष फोकस रहेगा। Vedanta Power भी 20,000 मेगावाट क्षमता तक पहुंचने की योजना पर काम कर रही है और Nuclear Power क्षेत्र में भी प्रवेश करेगी।

Partner Better: तकनीक बनेगी सबसे बड़ी ताकत

तकनीक को कंपनी का सबसे मजबूत साझेदार बताते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा कि भविष्य उन्हीं कंपनियों का है जो Technology को तेजी से अपनाती हैं।

उन्होंने कहा, “Artificial Intelligence दुनिया भर के उद्योगों को बदल रहा है। तकनीक हमारी सबसे बड़ी ताकत है। Exploration, Operations, Sustainability, Safety और Productivity सहित हर क्षेत्र में हम तकनीक का तेजी से उपयोग कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य अधिक स्मार्ट, तेज़, सुरक्षित और बेहतर बनना है।”

Purpose Beyond Profit: राष्ट्र निर्माण को प्राथमिकता

राष्ट्र निर्माण में वेदांता की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि केवल वित्त वर्ष 2025-26 में ही कंपनी ने भारत सरकार के राजस्व में ₹62,000 करोड़ से अधिक का योगदान दिया है। वहीं पिछले 10 वर्षों में कंपनी का कुल योगदान लगभग ₹5 लाख करोड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि वेदांता की प्रमुख सामाजिक पहल ‘Nand Ghar’ अब 17 राज्यों में 15,000 केंद्रों तक पहुंच चुकी है। यह पहल देशभर की 10 करोड़ महिलाओं और बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखती है।

भारत के भविष्य पर विश्वास जताते हुए उन्होंने कहा कि संसाधनों की सुरक्षा अब National Security का हिस्सा बन चुकी है। वेदांता केवल प्राकृतिक संसाधनों के कारोबार में नहीं है, बल्कि भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

अपने संबोधन के अंत में अनिल अग्रवाल ने शेयरधारकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “हमने मिलकर एक मजबूत वेदांता का निर्माण किया है। अब हम मिलकर पांच असाधारण भविष्य का निर्माण करेंगे। ‘Vedanta Unlimited’ इसी सोच का प्रतीक है। आपका विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”