आंद्र प्रदेश: राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर ने आदिवासियों की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने का आह्वान किया

अमरावती, 9 अगस्त . आंध्र प्रदेश के Governor एस. अब्दुल नजीर ने आदिवासियों की परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने का आह्वान किया है. विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय हमारे समाज, संस्कृति और विरासत में अमूल्य योगदान देते हैं.

उन्होंने कहा, “उनकी समृद्ध परंपराओं, सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित किया जाना चाहिए. साथ ही उनके अधिकारों, सम्मान, समान अवसरों और समावेशी विकास को भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए.”

Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू ने ‘विश्व आदिवासी दिवस’ के अवसर पर सभी आदिवासी भाई-बहनों को हार्दिक बधाई दी. इस दौरान उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति, परंपराएं और जंगलों व प्रकृति से जुड़ी उनकी अनूठी जीवनशैली समाज के लिए गर्व का विषय है. उन्होंने कहा कि Government ने मूल निवासियों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार में सुधार का लक्ष्य रखा है और उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है.

सीएम ने कहा, “Government आदिवासियों के आत्म-सम्मान, आत्मनिर्भरता और प्रगति को बढ़ाने के उद्देश्य से लगातार प्रयास कर रही है.”

उपChief Minister पवन कल्याण ने ‘विश्व आदिवासी दिवस’ पर अपने संदेश में कहा कि आदिवासी समुदाय जंगलों के शाश्वत संरक्षक, प्राचीन ज्ञान के रक्षक और India की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की जीवंत आत्मा हैं.

पवन कल्याण ने कहा, “जंगलों ने पीढ़ियों से हमारे आदिवासी समुदायों की रक्षा की है और बदले में उन्होंने प्रकृति, संस्कृति और प्राचीन ज्ञान के संरक्षक के रूप में जंगलों की रक्षा की है. ‘विश्व आदिवासी दिवस’ पर मैं अपने सभी आदिवासी भाई-बहनों को हार्दिक बधाई देता हूं.”

उन्होंने कहा, “इस वर्ष का विषय, ‘मूल निवासी दाइयों का सम्मान: जीवन और कल्याण की सुरक्षा’, हमें पीढ़ियों से चले आ रहे अमूल्य पारंपरिक ज्ञान और जीवन, स्वास्थ्य, संस्कृति व विरासत की रक्षा में आदिवासी महिलाओं और समुदायों की महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाता है. आदिवासी समुदायों के साथ मेरा जुड़ाव बहुत व्यक्तिगत है. उनके स्नेह और विश्वास ने हमेशा उनके सम्मान और कल्याण के लिए काम करने के मेरे संकल्प को मजबूत किया है.”

उपChief Minister ने कहा, ” ‘अदावी थल्ली बाटा’ जैसी पहलें दूर-दराज के इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी, आजीविका के अवसरों और जंगलों व वन्यजीवों की बेहतर सुरक्षा के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि विकास हर आदिवासी परिवार तक पहुंचे और साथ ही उनकी पहचान और परंपराएं भी सुरक्षित रहें. उनका विश्वास एक जिम्मेदारी है. उनकी विरासत हमारा गौरव है. उनकी प्रगति हमारी प्रतिबद्धता है. आइए हम सब मिलकर ऐसे भविष्य की ओर बढ़ें जहां हर आदिवासी परिवार सम्मान, अवसर, सुरक्षा और उम्मीद के साथ जी सके.”

एसडी/