
विशाखापत्तनम, 8 जुलाई . आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तट पर नाव पलटने के बाद लापता 6 मछुआरों को मृत माना गया है. 4 दिन तक चले तलाशी अभियान में मछुआरों का कोई सुराग नहीं मिला था. Wednesday को अधिकारियों ने इस तलाशी अभियान को रोक दिया.
छह लापता मछुआरों की तलाश के लिए भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड की टीमें चार दिन से जुटी थीं. कोस्ट गार्ड के दो जहाजों और दो हेलीकॉप्टरों की मदद से Tuesday आधी रात तक अभियान जारी रहा, लेकिन सर्च टीमों की सभी कोशिशें बेकार गईं. ऑपरेशन के बाद भी मछुआरों का कोई पता नहीं चल सका.
अधिकारियों ने अब लापता मछुआरों को मृत मान लिया है. यह फैसला Sunday को एक कार्गो जहाज के जरिए बचाए गए मछुआरे से मिली जानकारी के आधार पर लिया गया.
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तट पर 4 जुलाई को यह हादसा हुआ. विजयनगरम और विशाखापत्तनम जिलों के 7 मछुआरों का एक समूह एक जुलाई को विशाखापत्तनम फिशिंग हार्बर से मछली पकड़ने के लिए नाव से निकला था. Saturday को तट पर लौटते समय नाव में तकनीकी खराबी आ गई और वह पलट गई. उनमें से एक को एक मर्चेंट जहाज के क्रू ने बचाया और वह Monday को तट पर पहुंचा, लेकिन 6 मछुआरों का कोई पता नहीं लगा.
तलाशी अभियान रोके जाने के साथ ही राज्य Government ने छह मछुआरों के परिवारों के लिए 10-10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की.
राज्य के मंत्री कोल्लू रवींद्र ने लापता मछुआरों के परिवारों को सांत्वना दी और हर परिवार को 10 लाख रुपए की अनुग्रह राशि सौंपी. उन्होंने मीडिया को बताया कि 72 घंटे से अधिक समय तक व्यापक खोज के बाद भी लापता मछुआरों का कोई सुराग नहीं मिला, इसलिए उन्हें मृत मान लिया गया है.
मंत्री और अन्य अधिकारियों ने जो चेक दिए, उनमें मत्स्य पालन विभाग की ओर से 5 लाख रुपए और Chief Minister राहत कोष से 5 लाख रुपए शामिल थे.
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डीसीएच/
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