
चेन्नई, 18 अगस्त . पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के नेता अंबुमणि रामदास ने Tuesday को तमिलनाडु Government से को-ऑप्टेक्स के 10 शोरूम बंद करने के कथित फैसले को वापस लेने की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि इस कदम से हजारों हथकरघा बुनकरों की आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ेगा.
अंबुमणि ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि Government ने तमिलनाडु के कुड्डालोर, सेलम, वेल्लोर और तिरुनेलवेली समेत कई शहरों के साथ-साथ आंध्र प्रदेश और Maharashtra में स्थित को-ऑप्टेक्स आउटलेट्स को बंद करने का आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि कुछ आउटलेट पहले ही बंद किए जा चुके हैं, जबकि कुछ अन्य में बिक्री रोक दी गई है. बाकी शोरूम में भी खरीद प्रक्रिया कथित तौर पर रोक दी गई है और इनके अगले कुछ हफ्तों में बंद होने की संभावना है.
बताया जा रहा है कि बिक्री और राजस्व में गिरावट के कारण तथा संस्थान के आकार को कम करने की कवायद के तहत यह फैसला लिया गया है.
हालांकि, अंबुमणि ने कहा कि को-ऑप्टेक्स के शोरूम हजारों हथकरघा बुनकरों की आजीविका से सीधे जुड़े हैं और इन्हें केवल व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.
तमिलनाडु हैंडलूम वीवर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी के वाणिज्यिक ब्रांड को-ऑप्टेक्स की स्थापना 1935 में हथकरघा उत्पादों के विपणन और बुनकरों की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से की गई थी. अंबुमणि के अनुसार, एक समय इसके स्टोर सरकारी कर्मचारियों और मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों के बीच काफी लोकप्रिय थे.
उन्होंने आरोप लगाया कि को-ऑप्टेक्स की मौजूदा स्थिति वर्षों की उपेक्षा और ऐसी नीतियों का नतीजा है, जिनसे अप्रत्यक्ष रूप से निजी कपड़ा कंपनियों को लाभ पहुंचा. अंबुमणि ने दावा किया कि 2015-16 में को-ऑप्टेक्स के करीब 200 आउटलेट थे, जिनमें तमिलनाडु में 133 और अन्य राज्यों तथा विदेशी बाजारों में 67 आउटलेट शामिल थे. उनके मुताबिक, 2025-26 तक इनकी संख्या घटकर करीब 150 रह गई.
अंबुमणि ने चेतावनी दी कि अगर स्थिति ऐसी ही बनी रही तो 2035 में अपनी स्थापना की शताब्दी मनाने की उम्मीद रखने वाला को-ऑप्टेक्स बंद होने की स्थिति में पहुंच सकता है. उन्होंने संस्थान को पुनर्जीवित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की.
उन्होंने सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के चुनावी घोषणापत्र का भी हवाला दिया. अंबुमणि ने कहा कि पार्टी ने प्रमुख शहरों में ‘वेट्री लूम’ शोरूम खोलने और तमिलनाडु के हथकरघा उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए एक समर्पित ई-कॉमर्स ब्रांड बनाने का वादा किया था.
उन्होंने कहा कि एक तरफ मौजूदा स्टोर बंद किए जा रहे हैं और दूसरी तरफ नए आउटलेट खोलने का वादा किया जा रहा है, जो Government की प्रतिबद्धताओं और उसके कार्यों के बीच विरोधाभास को दर्शाता है.
अंबुमणि ने Government से 10 शोरूम को बंद करने के फैसले को वापस लेने, तमिलनाडु और अन्य राज्यों में अतिरिक्त आउटलेट खोलने तथा आधुनिक मार्केटिंग, ई-कॉमर्स और बेहतर बिक्री रणनीतियों के जरिए को-ऑप्टेक्स को पुनर्जीवित करने की मांग की.
–
डीएससी
Skip to content