अमित शाह के नक्‍सलवाद में कमी वाला बयान सिर्फ लोगों का मनोबल बढ़ाने वाला है: टीएस सिंह देव

रायपुर, 19 मई . छत्तीसगढ़ के पूर्व उपChief Minister और कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की नक्सलवाद पर टिप्पणियों, Prime Minister मोदी की विदेश यात्रा, ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी, उत्तर प्रदेश Police मुठभेड़ के आंकड़ों पर प्रतिक्रिया दी.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की देशभर में नक्सलवाद की कमी आने वाले बयान पर कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव कहते हैं, “वह गृह मंत्री हैं, और वह ऐसे बयान या तो लोगों का मनोबल बनाए रखने के लिए दे रहे हैं या फिर असलियत बताने के लिए.

उन्‍होंने कहा कि कुछ दिन पहले मीडिया में एक खबर आई थी कि नक्सलियों की तरफ से एक चिट्ठी जारी हुई थी, जिसमें कहा गया था कि इन लोगों ने उनके साथ धोखा किया है, और वे बातचीत जारी रखेंगे. यह एक बात है. गृह मंत्री ने देश से नक्‍सलवाद को पूरी तरह से खत्‍म करने के लिए 31 मार्च 2026 तय किया था, जो कि खत्म हो गई. मुझे नहीं लगता है कि सारे नक्‍सली देश की मुख्‍यधारा से जुड़ गए हैं.

यूपी Police मुठभेड़ के आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएस सिंह देव ने कहा कि अगर आप बुलडोजर राज को लागू करेंगे तो इसका दुष्‍परिणाम समाज में होना ही है. आप कानून के ऊपर काम कर रहे हैं, इससे बचने की जरूरत है. प्रजातांत्रिक व्‍यवस्‍था में इससे बड़ी विफलता क्‍या हो सकती है?

उन्‍होंने कहा कि एक समय था कि शक्ति इतनी केंद्रित थी कि व्‍यक्ति जैसा चाहता था वैसा करता था. कहने के लिए वह लोगों की भलाई हो सकती है और उसमें लोगों की जान लेने की स्थिति भी रहती थी. मानव समाज उससे उभरा और इन चीजों का विरोध करने लगा. कानून की व्‍यवस्‍था होनी चाहिए. ऐसे में प्रजातंत्र का चुनाव हुआ, जिसमें किसी व्‍यक्ति की नहीं चलती, संविधान द्वारा दिए गए कानून से देश को चलाना है. उस कानून को तोड़कर अगर आप काम करना चाहेंगे, भले ही कहें कि इसमें लोगों की भलाई है, अंतत: यह समाज की व्‍यवस्‍था को तोड़ देता है.

कांग्रेस नेता ने Prime Minister मोदी की विदेश यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि देश के प्रमुखों की ये बाध्‍यताएं और आवश्‍यकताएं रहती हैं, लेकिन इन यात्राओं का परिणाम यह रहता है कि अमेरिका तय करता है कि India को सामान कहां से खरीदना है. अगर पीएम मोदी के विदेश दौरों का नतीजा ऐसा निकल रहा है तो देश को लाभ कहां हो रहा है?

उन्‍होंने आगे कहा कि अमेरिका से अगर भारतीयों को वापस भेजा जाता है तो वे हाथ में हथकड़ियां और पैरों में बेड़ियां लगाकर लौटते हैं. ऐसे में आपके संवाद का लाभ कहां मिल रहा है? अगर India ईरान से कच्‍चा तेल नहीं ले पा रहा है और रूस भी कह रहा है कि हम कीमत बढ़ाकर देंगे तो विदेश दौरों का लाभ कहां मिला?

कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के मुद्दे को लेकर समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान कहा कि स्थिति चिंताजनक है और इसके अधिक गंभीर होने की आशंका है, क्‍योंकि हर व्‍यक्ति जान रहा है कि होर्मुज स्‍ट्रेट से जहाज कच्‍चा तेल लेकर नहीं निकल पा रहे हैं. देश में भंडार किया गया कच्‍चा तेल लगभग इस्‍तेमाल किया जा चुका है.

उन्‍होंने कहा कि बुरे समय के लिए बचाया गया स्‍टोर अब पर्याप्‍त नहीं है. अगर होर्मुज स्‍ट्रेट का विकल्‍प India नहीं खोज पाता है तो कच्‍चे तेल के दामों में और तेजी आएगी. Government की विफलता पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी नहीं, बल्कि कच्‍चे तेल की व्‍यवस्‍था नहीं कर पाने की है. India Government ने अन्‍य देशों से संबंध बाधित और सीमित कर दिया है. इसी कारण से देश को कच्‍चा तेल नहीं मिल पा रहा है.

एएसएच/डीकेपी